Ad Code

पश्चिमोत्तासन की विधि, लाभ व सावधानियाँ / Paschimottasana Vidhi, Labh, Savdhaniya


पश्चिमोत्तासन की विधि लाभ व सावधानियाँ / Paschimottasana Vidhi, Labh, Savdhaniya

पश्चिमोत्तासन की विधि, लाभ व सावधानियाँ / Paschimottasana Vidhi, Labh, Savdhaniya

यह भी पढ़े :- सूर्यनमस्कार क्या है ? सूर्यनमस्कार की विधि, लाभ व सावधानियाँ

 

 पश्चिमोत्तासन की विधि / Paschimottasana Vidhi :


इस आसन को करने के लिए समतल जगहे पर योग मेट या फिर चटाई बिछाले।

अब इस पर बैठ जाये और अपने पैरों को सामने की तरफ फैलाले।  घुटने सीधे होने चाहिए। पैरों के पंजे एक दूसरे से जुड़े होने चाहिए।

अब साँस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर लेकर जाये। रीढ़ की हड्ड़ी सीधी होनी चाहिए।


इसके पश्चात धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए अपनी कमर को सामने की तरफ झुकाये और अपने हाथों से पैरों के पंजों को छूने का प्रयास करें।

इसके साथ ही अपने माथे को घुटनों से लगाले और कुछ देर तक इस स्थिति में रुके।

अब साँस लेते हुए कमर को धीरे-धीरे सीधा करने का प्रयास करे और हाथों को सिर के ऊपर तक ले जाये।

अब साँस छोड़ते हुए हाथों को नीचे ले आये।

इस तरह से कुछ बार यह प्रक्रिया दौहराये।


यह भी पढ़े :- योग से होने वाले 15 अदभुद लाभ

 

पश्चिमोत्तासन के लाभ / Paschimottasana Labh :


इस आसन को करने से कब्ज की समस्या समाप्त हो जाती है।

वजन कम करने में भी यह आसन लाभदायक है।

इस आसन को करने से ह्रदय रोग दूर होते है।

इस आसन से पीठ के निचले हिस्से, जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों का व्यायाम होता है।



 यह भी पढ़े :- उत्कटासन की विधि, लाभ व सावधानियाँ

 

पश्चिमोत्तासन की सावधानियाँ / Paschimottasana Savdhaniya :


बीमारी या किसी प्रकार की चोट होने पर यह आसन न करें।

पीठ के निचले हिस्से में किसी प्रकार का दर्द होने पर भी यह आसन न करें।


पश्चिमोत्तासन की विधि, लाभ व सावधानियाँ वीडियो देखें


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Ad Code