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गिलोय के फायदे बताइए | गिलोय इन हिंदी | Giloy Ke Labh

गिलोय के फायदे बताइए | गिलोय इन हिंदी | Giloy Ke Labh
गिलोय लता के रूप में बढ़ने वाला एक औषधीय पौधा है। जिसमें अनेकों गुण पाये जाते हैं। सभी तरह की बीमारियों में लाभ पहुंचाने के कारण गिलोय को अमृत तुल्य औषधि समझा जाता हैं। गिलोय पान के पत्ते की तरह दिखता है और जिस पेड़ पर गिलोय की लता लगती है उसके गुण अपने में ले लेती है, इसलिए नीम पर लगी गिलोय सबसे अच्छी मानी जाती हैं।

गिलोय के पत्ते स्वाद में कड़वे, कसैले होते हैं। इसके प्रयोग से पित्त, कफ और वात में लाभ होता हैं। गिलोय के प्रयोग से इम्युनिटी बढ़ती हैं। भूख बढ़ाने, डायबिटीज, पीलिया, बवासीर, टीबी, बुखार, उलटी, शरीरिक कमजोरी दूर करने में गिलोय का प्रयोग किया जाता हैं।

गिलोय के फायदे:

टीबी रोग में गिलोय के फायदे:


टीबी रोग दूर करने के लिए गिलोय फायदेमंद होता हैं इसके लिए गिलोय के साथ अश्वगंधा, शतावर, दशमूल, अतीस, बलामूल, अडूसा और पोहकरमूल को बराबर मात्रा में लेकर उसका काढ़ा बना ले और काढ़े की 20 मि.ली. मात्रा सुबह शाम प्रयोग करना चाहिए। इसका प्रयोग करने से टीबी रोग दूर होता हैं।

बुखार में गिलोय के फायदे:


यदि किसी को बहुत दिन से बुखार की समस्या हो तो उसे गिलोय का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि गिलोय के प्रयोग से पुराने से पुराना बुखार भी दूर होता हैं। बुखार दूर करने के लिए गिलोय की लगभग 40 से 50 ग्राम मात्रा अच्छी तरह से कूट ले और इसे रात भर रखा रहने दे। सुबह इसे छान लें और इसमें लगभग 250 मि.ली. पानी मिला ले और सुबह-शाम इसकी 20 मि.ली. मात्रा का प्रयोग करने से बुखार दूर होता हैं।

आँखों के लिए गिलोय के फायदे:


गिलोय आँखों की बीमारी दूर करने में भी लाभदायक होता हैं। जिनकी आँखों की रोशनी कम है उन्हें गिलोय के रस को आंबले के रस के साथ प्रयोग करना चाहिए। इससे उनकी आँखों की रोशनी तेज होती है और आँखों से संबंधित बीमारियाँ भी दूर होती हैं।

डायबिटीज में गिलोय के फायदे:


डायबिटीज के रोगियों को नियमित गिलोय के रस का प्रयोग करना चाहिए, इससे डायबिटीज रोग दूर होता है। एक चम्मच शहद में 10 मि.ली. गिलोय का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता हैं।

पाचन में गिलोय के फायदे:


गिलोय का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। इसके लिए गिलोय और आंबला के पाउडर को मिलाकर प्रयोग करना चाहिए। यदि कब्ज की समस्या है तो 10 मि.ली. रस के साथ गुड़ का सेवन करने से कब्ज दूर होता है।

वजन कम करने में गिलोय के फायदे:


यदि आपका वजन सामान्य से अधिक हैं, और आप अपने वजन को कम करना चाहते है तो आप को एक चम्मच गिलोय के रस को एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए इससे आपका वजन सामान्य हो जायेगा।

जुकाम में गिलोय के फायदे:


यदि आपको जुकाम है तो एक से दो चम्मच गिलोय के रस का सेवन जुकाम ठीक होने तक करें।

इम्युनिटी बढ़ाने में गिलोय के फायदे:


इम्युनिटी बढ़ाने में भी गिलोय बहुत लाभदायक होता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टेरिया से लड़कर शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इसके प्रयोग से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ भी शरीर से बाहर निकल जाते है, जिससे खून साफ़ होता हैं। इस तरह से यह इम्युनिटी बढ़ाने की अच्छी औषधि हैं।

कान के लिए गिलोय के फायदे:


कान में मैल आने या खुजली होने पर गिलोय के तने का बारीक पेस्ट बना लें और इसे पानी के साथ गुनगुना करलें। इसकी 2-2 बूंद सुबह शाम कान में डालने से कान का मैल निकल जाता हैं।

ऑर्थराइटिस में गिलोय के फायदे:


गिलोय में ऐसे गुण होते है, जिससे ऑर्थराइटिस ठीक हो सकता है। इसके लिए गिलोय का अदरक के साथ सेवन करना चाहिए।

तनाव में गिलोय के फायदे:


आज के भाग-दौड़ भरे जीवन में तनाव होना आम बात है। तनाव की वजह से हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। गिलोय में ऐसे औषधीय गुण पाये जाते है जिनसे तनाव दूर होता है। इसलिए नियमित गिलोय का प्रयोग आपको तनावमुक्त रहने में मदद कर सकता हैं।

पीलिया में गिलोय के फायदे:


गिलोय पीलिया रोग में भी बहुत लाभ देता है इसके लिए गिलोय के 10 से 20 पत्ते पीस ले और उसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को ताजी छांछ में मिलाकर छानकर पीने से पीलिया में लाभ होता हैं।


बबासीर में गिलोय के फायदे:


गिलोय में जो गुण पाये जाते है वो पाइल्स या बबासीर में भी लाभ पहुंचाते हैं। इसके लिए गिलोय, हरड़ और धनिया की 20-20 ग्राम मात्रा ले और उसे लगभग आधा लीटर पानी में तब तक उबाले जब तक पानी एक चौथाई ना रह जाये। इस काढ़े में गुड़ मिलाकर पीने से बबासीर ठीक होता हैं।

अस्थमा में गिलोय के फायदे:


अस्थमा से पीड़ित लोगों को गिलोय की जड़ चबाना चाहिए, इससे अस्थमा में लाभ होता हैं।

हाथीपांव में गिलोय के फायदे:


हाथीपांव एक गंभीर समस्या है जिसमें शरीर में सूजन आने लगती है। गिलोय के सेवन से इसे भी आसानी से ठीक किया जा सकता हैं। इसके लिए 10 से 20 मि.ली. गिलोय जूस में लगभग 20 से 30 मि.ली. सरसों तेल मिलाकर सेवन करने से लाभ होता हैं।

कामशक्ति बढ़ाने में गिलोय के फायदे:


गिलोय में ऐसे औषधीय गुण पाए जाते है जो कामशक्ति और यौनेच्छा को बढ़ाते है। यदि आप भी अपनी कामशक्ति और यौनेच्छा को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाना चाहते है तो आपको नियमित रूप से गिलोय का सेवन करना चाहिए।

उल्टी में गिलोय के फायदे:


यदि आपको ऐसिडिटी की समस्या है और ऐसिडिटी से उल्टी आती है तो आपको लगभग 10 मि.ली. गिलोय के रस में 5 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। इससे उल्टी की समस्या समाप्त हो जायेगी।

मूत्र विकार में गिलोय के फायदे:


मूत्र विकार जैसे पेशाब करते समय जलन होना या रुक-रुक कर पेशाब आना इस तरह की समस्या होने पर भी गिलोय के सेवन से लाभ होता हैं।

वात रोग में गिलोय के फायदे:


वात रोग होने पर गिलोय का प्रयोग बहुत लाभकारी होता हैं। इसके लिए गिलोय सत में अरंडी का तेल मिलाकर लगाना चाहिए इससे कुछ ही दिनों में लाभ दिखने लगता हैं।

गठिया में गिलोय के फायदे:


गठिया होने पर गिलोय का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इसके लिए 5 से 10 मि.ली. गिलोय जूस का कुछ दिनों तक सेवन करना चाहिए।

कुष्ठ रोग में गिलोय के फायदे:


कुष्ठ रोग होने पर 10 से 20 मि.ली. गिलोय जूस को दिन में दो बार पीने से कुष्ठ रोग में लाभ होता हैं।

सावधानियाँ:


➤ गिलोय या इस तरह की औषधियों का प्रयोग किसी चिकित्सक या विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही करना चाहिए।
➤ गर्भावस्था में भी गिलोय का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
➤ जिनका शुगर लेवल कम हो उन्हें भी गिलोय का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 

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