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सर्वाइकल के लिए योग | Cervical Ke Liye Yoga

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सर्वाइकल पेन ऐसा पेन है जो गर्दन से शुरू होता हैं फिर हाथ-पैर और पूरे शरीर में होने लगता हैं। यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन 60 साल के बाद होना सबसे आम हैं। इसका मुख्य कारण अधिक समय तक बैठकर कार्य करना, गलत तरीके से सोना, मोबाइल या कम्प्यूटर पर अधिक समय तक कार्य करना या गेम खेलना, एक्सरसाइज या योग ना करना हैं। इस दर्द को दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम योग है, जिससे इस पेन से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता हैं।

सर्वाइकल के लिए योग | Cervical Ke Liye Yoga:

1. उष्ट्रासन

➤ उष्ट्रासन करने के लिए योग मेट बिछाकर घुटनों के बल आ जायें। दोनों घुटनों में कंधों जितना अंतर होना चाहिए।
➤ अब अपनी गर्दन और कंधों को पीछे झुकाते हुए अपने हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ले।
➤ सामान्य रूप से साँस लेते रहे और कुछ देर इस स्थिति में रुके।
➤ कुछ देर रुकने के बाद पहली स्थिति में आ जाये।
➤ नियमित रूप से यह आसन करने से सर्वाइकल पैन दूर हो जाता हैं।

2. भुजंगासन

➤ भुजंगासन करने के लिए योग मेट बिछाकर पेट के बल जमीन पर लेट जाये।
➤ अपने दोनों पैरों के बीच लगभग एक से दो फुट का अंतर रखें।
➤ अब अपने दोनों हाथों को सीने के बगल में रखें।
➤ साँस लेते हुए अपने सिर, कंधों और धड़ को ऊपर उठाने का प्रयास करें। जितना हो सके उतना पीछे खींचे।
➤ साँस छोड़ते हुए वापस सिर, कंधों और धड़ को वापस जमीन पर ले आये।
➤ इस तरह से 10 से 12 बार  यह आसन करें।
➤ इस आसन को करने से भी सर्वाइकल पैन में जल्द राहत मिलती हैं।

3. ताड़ासन

➤ सर्वाइकल पैन से राहत पाने के लिए ताड़ासन भी अच्छा आसन हैं।
➤ ताड़ासन करने के लिए योग मेट बिछाकर सीधे खड़े हो जाये।
➤ अब साँस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर तक लाये और अपनी हथेलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें और पूरे शरीर को ऊपर खीचने का प्रयास करें।
➤ साँस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाये।
➤ यह प्रक्रिया 12 से 15 बार करें।

4. मकरासन

➤ मकरासन करने के लिए योग मेट बिछाकर पेट के बल लेट जाये।
➤ अब अपने हाथों को सामने की तरफ एक-दूसरे के ऊपर रखें।
➤ अपनी चिन अपने हाथों पर रखें।
➤ पैरों के बीच 1 से 2 फुट का अंतर रखें।
➤ अपने पूरे शरीर को ढ़ीला छोड़दे।

5. धनुरासन

➤ धनुरासन करने के लिए योग मेट पर पेट के बल लेट जाये।
➤ अब अपने हाथों से पैरों के पंजो को पकड़ले।
➤ अपने सिर, कंधों और छाती को पीछे खींचने का प्रयास करे।
➤ हाथों की कोहनियाँ सीधी रहनी चाहिए।
➤ सामान्य रूप से साँस लेते रहें।

सावधानियाँ:

➤ योग करते समय अपनी क्षमता के अनुसार ही शक्ति लगाना चाहिए। जोर-जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए।
➤ योग करने की सही जानकारी ना होने पर किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।
➤ गंभीर बीमारी होने पर, ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर, शुगर, हार्ट की बीमारी, गर्भावस्था में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही योग करना चाहिए।

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कपालभाति

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