Categories: योग

पेट की गैस के लिए योग | Pet Ki Gas Ke Liye Yoga

Share

पेट में गैस की समस्या होना आज के समय में आम बात है। अधिक भोजन करने से, जंक फूड-फास्ट फूड का अधिक प्रयोग, नियमित व्यायाम ना करना, चाय कॉफी, सिगरेट, शराब का अधिक प्रयोग करना आदि पेट में गैस होने के प्रमुख कारण होते हैं। पेट में गैस की समस्या होने पर पेट भरा हुआ महसूस होता है, पेट में दर्द महसूस होता है, जी मिचलाता है, उल्टी जैसा महसूस होता है और कई बार सिर में दर्द भी महसूस होता है।

यदि हम अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज को शामिल करते हैं साथ ही अधिक मात्रा में पानी का भी सेवन करते हैं तो भी इस समस्या को काफी हद तक हल किया जा सकता है

पेट की गैस के लिए योग (Pet Ki Gas Ke Liye Yoga)

योग में ऐसे आसन बताए गए हैं जिनके नियमित अभ्यास से पेट में गैस की समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है। इनमें से कुछ आसन करने में आसान होते हैं और उन्हें थोड़े दिनों में ही सीखा जा सकता है लेकिन कुछ आसनों को करने के लिए आपको थोड़ा लंबा समय देना पड़ सकता है।

यह भी पढ़े: पेट कम करने के योगासन

पवनमुक्तासन:

पवनमुक्तासन का अर्थ होता है वायु या पवन को मुक्त करने वाला आसन इसलिए इसे पवनमुक्तासन कहा जाता है। इस आसन को करने से पेट की अतिरिक्त वायु बाहर निकल जाती है।

पवनमुक्तासन करने की विधि:

➣ पवनमुक्तासन करने के लिए योग मैट पर शवासन में लेट जाएं।
➣ अब अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़कर छाती के पास लाने का प्रयास करें।
➣ जब आप अपने घुटनों को छाती के पास ला रहे हैं उसी समय आपको अपने कंधों और सिर को भी जमीन से ऊपर उठाना है।
➣ अपने दोनों हाथों से पैरों के घुटनों को पकड़ ले।
➣ सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ देर तक इस स्थिति में रुके।
➣ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➣ यह एक चक्र हुआ इस तरह से पवनमुक्तासन के 8 से 10 चक्र किए जा सकते हैं।
➣ पवनमुक्तासन करने के बाद थोड़ी देर शवासन में विश्राम भी किया जा सकता है।

नौकासन:

पेट में गैस के लिए योग में नौकासन भी एक अच्छा आसन होता है। नौकासन के नियमित अभ्यास से पेट में गैस की समस्या दूर होती है।

नौकासन करने की विधि:

➣ नौकासन करने के लिए योग मेट पर शवासन में लेट जाएं।
➣ अब सांस छोड़ते हुए अपने दोनों पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठा ले।
➣ साथ ही अपने सिर और कंधों को भी जमीन से ऊपर उठा ले।
➣ ऐसी स्थिति में आपके शरीर का पूरा वजन आपके नितंबों पर होना चाहिए।
➣ आपके हाथ, पैर के घुटनों की सीध में होने चाहिए।
➣ हाथों की कोहनियाँ सीधा रखें।
➣ जब तक आप इस स्थिति में रुकते हैं तब तक सांस को रोके रखें।
➣ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➣ इस तरह से यह एक चक्र हुआ इस आसन के आप 8 से 10 चक्र कर सकते हैं।

तितली आसन:

तितली आसन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और पेट में गैस, ऐठन, पेट में सूजन की समस्या से भी राहत मिलती है।

तितली आसन करने की विधि:

➣ तितली आसन करने के लिए योग मेट पर बैठ जाएं।
➣ अब अपने दोनों पैरों के पंजों को आपस में मिला लें।
➣ दोनों पैरों के तलवे आपस में मिले होने चाहिए।
➣ आपके पैरों की एड़ियों को जितना ज्यादा हो सके उतना ज्यादा उसे अपने गुदाद्वार के पास रखने का प्रयास करें।
➣ अब अपने हाथों से अपने पैरों के पंजों को पकड़ ले।
➣ अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और पैर के घुटनों को ऊपर-नीचे करने का प्रयास करें।
➣ जिस तरह से तितली अपने पंख फड़फड़ाती है उसी तरह से आपको अपने पैरों को चलाना है।
➣ कुछ देर तक इस क्रिया को दोहराते रहें।

यह भी पढ़े: कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए योग आसन

वज्रासन:

वज्रासन पेट की गैस की समस्या को दूर करने के लिए एक अच्छा आसन माना जाता है। इस आसन को करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और एसिडिटी, गैस, अपच की समस्या दूर होती है।

वज्रासन करने की विधि:

➣ वज्रासन करने के लिए योग मैट पर बैठ जाएं।
➣ अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला लें, रीड की हड्डी सीधी रहनी चाहिए।
➣ अब अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए दाएं पैर के पंजे को अपने दाएं नितंब के नीचे लाएं।
➣ इसी प्रकार अपने बाएं पैर के घुटने को मोड़ते हुए बाएं पैर के पंजे को बाएं नितंब के नीचे लाएं।
➣ इस तरह आराम से अपने पैरों के पंजों पर बैठ जाएं।
➣ अब अपने हाथों को अपने पैरों के घुटनों पर रख ले।
➣ रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहे।
➣ जितनी देर आप आराम से इस स्थिति में रुक सकते हैं उतनी देर तक रुके फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाए।
➣ सामान्य स्थिति में आने के लिए दाएं पैर के पंजे को अपने हाथों से पकड़ कर उसे सीधा कर ले।
➣ इसी प्रकार बाएं पैर को सीधा करें और पैरों को सामने की तरफ आराम से फैला लें।

बालासन:

योग करने के बाद शरीर को आराम देने के लिए योगी बालासन करते हैं। बालासन करने से गैस में राहत मिलती है और पाचन शक्ति मजबूत होती है क्योंकि यह आसन पेट के अंगों को स्ट्रेच करने में मदद करता है।

बालासन करने की विधि:

➣ बालासन करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➣ अब सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं।
➣ हाथों के अंगूठे आपस में मिले हुए होने चाहिए।
➣ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामने की तरफ झुकना शुरू करें और हाथों को सीधा रखें।
➣ सामने जाते जाएं और अपने माथे को जमीन से लगाने का प्रयास करें।
➣ हाथो की हथेलियां जमीन पर होनी चाहिए।
➣ कुछ देर इसी स्थिति में रुके और सांस लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर आ जाएं।
➣ यह एक चक्र हुआ। इस तरह से इस आसन के पांच से सात चक्र किए जा सकते हैं।

बिटिलासन:

यदि आपको कब्ज और गैस की समस्या है तो बिटिलासन इसे दूर करने में आपकी बहुत मदद कर सकता है, क्योंकि इस आसन को करने से पाचनशक्ति सुधरती है और मेटाबॉलिज्म लेबल भी बेहतर होता है। यह आसन शरीर के अंदर के अंगों की अच्छी मसाज भी करता है जिससे पाचन से जुडी सभी समस्यायें दूर होती है। इस आसन को करने से रीड की हड्डी में लचीलापन आता है साथ ही लोअर बैक में यदि कोई तनाव है, दर्द है तो वह भी ठीक होता है। इस आसन को करने से हाथों, कंधों और कलाई को भी मजबूत किया जा सकता है।

बिटिलासन करने की विधि:

➣ बिटिलासन करने के लिए अपने घुटनों के बल बैठ जाएं।
➣ अब अपने दोनों हाथों को सामने की तरफ घुटनो की सीध में रखें।
➣ सांस लेते हुए अपने सिर को ऊपर उठाने का प्रयास करें साथ ही अपने नितंबों को भी ऊपर उठाने का प्रयास करें।
➣ अपने पेट को जमीन की तरफ खींचने का प्रयास करें।
➣ कुछ देर इस स्थिति में रुके, फिर सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➣ यह एक चक्र हुआ। इस तरह से इस आसन के 10 से 12 चक्र किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़े: माइग्रेन के लिए योग

पश्चिमोत्तानासन:

पश्चिमोत्तानासन करने से पेट की मांसपेशियों पर दबाव आता है जिससे पेट अंदर होता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचनशक्ति भी मजबूत होती है जिससे कब्ज और गैस की समस्या दूर होती है।

पश्चिमोत्तानासन करने की विधि:

➣ पश्चिमोत्तानासन करने के लिए योग मेट पर बैठ जाएं।
➣ अपने पैरों को सामने की तरफ फैला लें और उन्हें सीधा रखें।
➣ रीड की हड्डी सीधी रखें अब सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर उठाने का प्रयास करें और उन्हें पूरा ऊपर उठाएं।
➣ ऐसा करते समय हाथों की कोहनियाँ सीधी रहनी चाहिए।
➣ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामने की तरफ झुकना शुरू करें और अपने हाथों से पैरों के अंगूठे को पकड़ने का प्रयास करें।
➣ अपने माथे को अपने पैर के घुटनों से लगाने का प्रयास करें।
➣ कुछ देर इस स्थिति में रुके और फिर सांस लेते हुए वापस पहली स्थिति में आ जाएं।
➣ यह एक चक्र हुआ इस तरह से इस आसन के 12 से 15 चक्र किए जा सकते हैं।

कपालभाति प्राणायाम:

कपालभाति प्राणायाम पेट से संबंधित समस्याएं और पाचन के विकारों को दूर करने के लिए एक अच्छा आसन है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचन शक्ति मजबूत होती है और कब्ज, गैस की समस्या दूर होती है।

कपालभाति प्राणायाम करने की विधि:

➣ कपालभाति प्राणायाम करने के लिए सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
➣ अपने हाथों को ध्यान मुद्रा में रखें।
➣ अब अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और तेजी से सांस छोड़ने का प्रयास करें।
➣ ऐसा करते समय आपका पेट अंदर की तरफ खिंचना चाहिए।
➣ यदि आप नए हैं तो आपको धीरे-धीरे सांस छोड़ना चाहिए।
➣ जैसे-जैसे आपका अभ्यास आगे बढ़ता जाएगा सांसो को छोड़ने की गति बढ़ाते जाएं।

सर्वांगासन:

सर्वांगासन नाम से ही पता चलता है कि यह आसन सभी अंगों के लिए लाभदायक होता है।

सर्वांगासन करने की विधि:

➣ सर्वांगासन करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।
➣ अब अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लें और उन्हें एक साथ ऊपर उठाने का प्रयास करें।
➣ अपनी कमर को हाथों से सहारा दें और पैरों को बिल्कुल सीधा तान कर रखें।
➣ आपकी नजरें पैरों के अंगूठे पर होनी चाहिए और शरीर का पूरा भार आपके कंधों पर होना चाहिए।
➣ सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
➣ यथासंभव इस स्थिति में रुकने का प्रयास करें उसके बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

यह भी पढ़े: मंडूकासन के फायदे

पादहस्तासन:

पादहस्तासन सामने की तरफ झुक कर किया जाने वाला आसन है। इस आसन को करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनकी मसाज होती है जिससे पाचन शक्ति मजबूत होती है साथ ही कब्ज और गैस जैसी समस्याएं भी दूर होती है।

पादहस्तासन करने की विधि:

➣ पादहस्तासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं।
➣ अपने दोनों पैरों को मिलाकर रखें, रीढ़ की हड्डी सीधी रहनी चाहिए।
➣ अब सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाने का प्रयास करें और उन्हें पूरा ऊपर तक उठाएं।
➣ अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामने की तरफ झुकना शुरू करें और अपने हाथों से अपने पैरों के अंगूठे को छूने का प्रयास करें।
➣ कुछ देर तक इस स्थिति में रुके और सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस पहली स्थिति में आ जाएं।
➣ यह एक चक्र हुआ, इस तरह से इस आसन के 12 से 15 चक्र किए जा सकते हैं।
➣ इस आसन को करते समय आपके पैरों के घुटने सीधे रहने चाहिए।

सारांश:

योग नियमित रूप से करने से कई सारी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। पेट में गैस की समस्या होने पर भी योग बहुत कारगर साबित होता है। लेकिन योग के साथ ही हमें अपनी दिनचर्या और आहार में भी सुधार करना चाहिए। हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, फल, दूध, सूखे मेवे इन्हें भी अपने आहार में शामिल करना चाहिए। चाय, कॉफी, जंक फूड या फास्ट फूड का कम से कम प्रयोग करना चाहिए साथ ही सिगरेट, शराब, गुटखा जैसी चीजों से पूरी तरह से दूरी बनानी चाहिए। यदि आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो आपको बहुत लाभ होगा।

यह भी पढ़े:-
योग का अर्थ
साइटिका के लिए 5 योग
दिमाग तेज करने के योग
सर्वाइकल के लिए योग
लंबाई बढ़ाने का योग

Published by
admin

Recent Posts

बवासीर के लिए योग- बवासीर का प्राकृतिक उपचार

बवासीर के लिए योग- बवासीर का प्राकृतिक उपचार वर्तमान में हम जिस तरह की भागदौड़… Read More

5 days ago

कमर दर्द का योग- कमर दर्द दूर करने के लिए आसान योग

कमर दर्द का योग- कमर दर्द दूर करने के लिए आसान योग आज के समय… Read More

6 days ago

त्वचा की चमक बढ़ाने वाले योग

त्वचा की चमक बढ़ाने वाले योग आज के समय में कम उम्र में ही चेहरे… Read More

7 days ago

बीपी कम करने के लिए योग

बीपी कम करने के लिए योग वर्तमान समय में हाई ब्लड प्रेशर आम समस्या बनती… Read More

1 week ago

मोटापा कम करने का योगा

मोटापा कम करने का योगा आज के समय में मोटापा आम बात होता जा रहा… Read More

1 week ago

स्मरण शक्ति बढ़ाने के योग

स्मरण शक्ति बढ़ाने के योग वर्तमान समय में लोगों की याददाश्त में कमी आ रही… Read More

2 weeks ago