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गोमुखासन के फायदे क्या हैं | Gomukhasana Ke Fayde Kya Hai

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गोमुखासन करते समय हमारी आकृति गाय के मुख के समान होती है इस कारण इसे गोमुखासन कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे काऊ फेस पोज़ योग (Cow Face Pose Yoga) के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन करने में बहुत सरल होता है। इसे नियमित रूप से करने से कमर दर्द, मधुमेह, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, बाबासीर, अस्थमा जैसी बीमारियों में बहुत लाभ होता है।

गोमुखासन के फायदे क्या हैं (Gomukhasana Ke Fayde Kya Hai)

➣ गोमुखासन करने से शरीर में फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है।
➣ इस आसन को करने से शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से होता है और ह्रदय स्वस्थ रहता है।
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➣ गोमुखासन फेफड़ों को स्वस्थ बनाता है और श्वास से जुड़ी बीमारियों को दूर करता है।
➣ अस्थमा में भी यह बहुत लाभदायक होता है।
➣ यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाता है और लचीलापन भी बढ़ाता है।
➣ कमर में दर्द होने पर गोमुखासन करने से कमर दर्द दूर होता है।
➣ इस आसन के नियमित अभ्यास से हाथ, पैर मजबूत होते हैं।
➣ डायबिटीज के रोगियों के लिए भी यह आसन बहुत लाभदायक होता है।
➣ डिप्रेशन होने पर बवासीर या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस जैसी बीमारियां होने पर भी गोमुखासन बहुत लाभ पहुंचाता है।
➣ महिलाओं से जुड़ी बीमारियों में भी गोमुखासन बहुत लाभ पहुंचाता है।
➣ इस आसन के नियमित अभ्यास से इच्छा शक्ति बढ़ती है, थकान और शारीरिक कमजोरी दूर होती है।

गोमुखासन करने की विधि (Gomukhasana Ki Vidhi)

➣ गोमुखासन करने के लिए सबसे पहले दंडासन में बैठ जाएं।
➣ अपने दाएं पैर के पंजे को पकड़कर बाय जांघ के ऊपर से ले जाते हुए बाएं जांघ के बाजू में उसे जमीन पर रखें।
➣ ऐसी स्थिति में दाएं पैर की जांघ बाय पैर की जांघ के ऊपर होनी चाहिए।
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➣ अब अपने बाएं पैर के पंजे को पकड़े और उसे अपने दाएं पैर के नितम्ब के नीचे रखें।
➣ अपने दाएं हाथ को कंधे के पीछे ले जाएं और बाएं हाथ को कमर के पीछे ले जाएं।
➣ अब अपने दोनों हाथों को आपस में मिलाने का प्रयास करें।
➣ इस स्थिति में आपकी नजरें सामने की तरफ होनी चाहिए।
➣ कुछ देर तक ऐसी स्थिति में बैठे उसके बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➣ यह एक चक्र पूरा हुआ अब इसी प्रक्रिया को बाएं पैर से भी करें।

गोमुखासन योग की सावधानियां

➣ गोमुखासन योग करते समय कुछ सावधानियों का रखना भी जरूरी होता है। यदि आपको कंधे में, हाथ, गर्दन में दर्द, घुटनों में दर्द है तब यह आसन ना करें।
➣ गर्भवती महिलाओं को भी गर्भावस्था में गोमुखासन नहीं करना चाहिए।
➣ ऑपरेशन होने के बाद या गंभीर चोट लगने के बाद भी गोमुखासन ना करें।
➣ यदि आपको कोई गंभीर बीमारी जैसे की रीढ़ की हड्डी से संबंधित कोई विकार, मांसपेशियों में अकड़न होने पर, बवासीर होने पर भी गोमुखासन नहीं करना चाहिए।
➣ किसी भी योग आसन को करने से पहले किसी चिकित्सक या योग के विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लेना चाहिए।

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