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फैटी लिवर के लिए योग

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फैटी लिवर के लिए योग

हमारे शरीर में लिवर का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है क्योंकि लिवर के द्वारा ही शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकाला जाता है और पोषक तत्वों को शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाता है। यदि लिवर खराब हो जाता है या कमजोर हो जाता है, लिवर में सूजन आ जाती है, लिवर इन्फेक्शन या फैटी लिवर की समस्या होती है तो ऐसे में हमारा शरीर कई सारी बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है।

नियमित योग करके हम लिवर कमजोर होने, लिवर खराब होने, लिवर इन्फेक्शन, फैटी लिवर जैसी परेशानियों से बच सकते हैं और यदि यह परेशानियां पहले से हैं तो इन्हें ठीक किया जा सकता है।

फैटी लिवर के लिए पादहस्तासन योग

➣ पादहस्तासन करने से शरीर के अंदर मौजूद अंगों की अच्छी स्ट्रेचिंग होती है जिससे लिवर कमजोर होने, लिवर इन्फेक्शन, फैटी लिवर जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और लिवर स्वस्थ रहता है।
➣ पादहस्तासन योग करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
➣ अपने हाथों को सावधान की स्थिति में रखें।
➣ आपके दोनों पैर आपस में मिले हुए होने चाहिए।
➣ अब सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर तक ले जाएं।
➣ यह भी पढ़े: हलासन की विधि, लाभ और सावधानियाँ
➣ सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकना शुरू करें।
➣ सामने झुकते समय आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहनी चाहिए।
➣ अपने हाथों से अपने पैरों को छूने का प्रयास करें।
➣ कुछ देर आपको ऐसी स्थिति में रुकना है।
➣ कुछ देर रुकने के बाद आप वापस पहली स्थिति में आ जाएं।
➣ यह पादहस्तासन योग का एक चक्र हुआ।
➣ इस तरीके से आपको पादहस्तासन के 10 से 12 चक्र पूरे करने हैं।

फैटी लिवर के लिए भुजंगासन योग


➣ भुजंगासन योग भी फैटी लिवर, लिवर इन्फेक्शन, लिवर कमजोर होने पर बहुत लाभ पहुंचाता है।
➣ भुजंगासन योग करने के लिए योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
➣ अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रखें।
➣ आपके दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रहना चाहिए और आपके पैर तने हुए होने चाहिए।
➣ अब आपको सांस लेते हुए अपने सिर, कंधे, सीने को पीछे की तरफ उठाना है।
➣ जितना संभव हो सके उतना उन्हें पीछे तक लेकर जाएं।
➣ कुछ देर आपको ऐसी स्थिति में रुकना है फिर सांस छोड़ते हुए वापस नीचे आ जाना है।
➣ इस तरह से यह प्रक्रिया आपको 10 से 12 बार दौहरानी है।

फैटी लिवर के लिए अधोमुख श्वानासन

➣ अधोमुख श्वानासन करने से हमारे हाथ और पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं क्योंकि अधोमुख श्वानासन करते समय हमारे शरीर का संतुलन हाथों और पैरों पर ही होता है। इस आसन को करते समय हमारे शरीर का रक्त संचार भी अच्छे तरीके से होता है।

➣ अधोमुख श्वानासन करने के लिए योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
➣ अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रखें।
➣ अपने दोनों पैरों के बीच में थोड़ा सा अंतर रखें।
➣ यह भी पढ़े: हिप कम करने के लिए योग
➣ अब सांस छोड़ते हुए अपने नितम्बों को जितना हो सके ऊपर उठाने का प्रयास करें।
➣ ऐसी स्थिति में आपके शरीर का पूरा संतुलन आपके हाथों और पैरों पर होगा।
➣ आपकी नजरें आपकी नाभि पर होनी चाहिए।
➣ कुछ देर तक आपको इस स्थिति में रुकना है फिर साँस लेते हुए आपको पहली स्थिति में आ जाना है।
➣ यह एक चक्र हुआ इस तरह से आपको इस आसन के 10 से 12 चक्र करना है।

फैटी लिवर के लिए नौकासन योग

➣ नौकासन योग करते समय हमारी आकृति एक नाव के समान हो जाती है इस कारण इसे नौकासन कहा जाता है।
➣ नौकासन योग लिवर को स्वस्थ्य रखने में बहुत मदद करता है।
➣ नौकासन के नियमित अभ्यास से लिवर इन्फेक्शन, लिवर पैन, फैटी लिवर में बहुत आराम मिलता है।
➣ नौकासन योग करने के लिए योग मैट पर पीठ के बल लेट जायें।
➣ अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाले।
➣ अब अपने दोनों पैरों, सिर और कंधों को एक साथ ऊपर उठाये।
➣ आपके शरीर का पूरा वजन आपके नितम्बों पर होना चाहिए।
➣ अपने हाथों की कोहनियाँ सीधी रखें और हाथों को घुटनों के सामानांतर रखें।
➣ जितनी देर आप इस स्थिति में रुक सकते है उतनी देर इस स्थिति में रुके।
➣ फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाये।

फैटी लिवर के लिए मार्जरी आसन

➣ मार्जरी आसन करने से हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत बनती है साथ ही पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी भी दूर होती है।
➣ मार्जरी आसन लिवर को स्वस्थ रखने में भी बहुत मदद करता है।
➣ मार्जरी आसन करने के लिए योग मैट पर अपने हाथों और घुटनों के बल बैठ जाएं।
➣ अब आपको अपनी गर्दन को पीछे की तरफ ले जाना है और अपने पेट को जमीन की तरफ लाना है।
➣ कुछ देर तक ऐसी स्थिति में रुकना है फिर आपको अपनी गर्दन को नीचे की तरफ झुकाना है और अपनी पीठ को ऊपर की तरफ ले जाना है।
➣ यह प्रक्रिया आपको 10 से 12 बार करना है।

फैटी लिवर के लिए उष्ट्रासन योग

➣ उष्ट्रासन योग करने से लिवर अच्छे से कार्य करता है और लिवर से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं।
➣ उष्ट्रासन योग करने के लिए योग मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
➣ अपने दोनों घुटनों के बीच थोड़ा अंतर रखें।
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➣ अपने दोनों हाथों से अपने पैर के पंजों को पकड़ ले और अपने सिर और कंधों को जितना हो सके पीछे ले जाने का प्रयास करें।
➣ कुछ देर तक आपको ऐसी स्थिति में रुकना है फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

फैटी लिवर के लिए सेतुबंधासन

➣ सेतुबंधासन करने से तनाव, थकान, सिरदर्द, डिप्रेशन जैसी बीमारियां दूर होती हैं साथ ही यह ब्लड प्रेशर को भी सामान्य करता है और हमारे मन को शांत करता है।
➣ सेतुबंधासन करने से शरीर के भीतरी अंगों की क्षमता में भी वृद्धि होती है जिससे यह फैटी लिवर के उपचार के लिए भी लाभदायक है।
➣ सेतुबंधासन करने के लिए योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
➣ अब अपने पैरों के पंजों को अपने नितंबों के पास रखें।
➣ दोनों पैरों के बीच में थोड़ा अंतर बनाए रखें।
➣ अपनी कमर और नितंबों को जितना ऊपर हो सके ऊपर उठा ले।
➣ आपके कंधे जमीन से लगे रहने चाहिए।
➣ अपने हाथों को जमीन पर समान रूप से रखें।
➣ इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
➣ कुछ देर तक आपको ऐसी स्थिति में रुकना है फिर वापस पहली स्थिति में आ जाना है।

फैटी लिवर के लिए धनुरासन

➣ फैटी लिवर के लिए धनुरासन करना भी बहुत लाभदायक होता है क्योंकि धनुरासन करने से शरीर के अंदर के अंगों की अच्छी स्ट्रैचिंग होती है जिससे वे स्वस्थ बने रहते हैं।
➣ धनुरासन करने के लिए अपनी योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
➣ अपने पैरों को अपने सिर की तरफ लाने का प्रयास करें और अपने हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ ले।
➣ ऐसी स्थिति में आपकी आकृति खिंचे हुए धनुष के समान होती है इसी कारण इसे धनुरासन कहा जाता है।
➣ आपको कुछ देर तक इस स्थिति में रुकना है फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

क्या फैटी लिवर में दूध पीना चाहिए?

फैटी लिवर होने पर लिवर में फैट या बसा जमा हो जाता है जिस वजह से लिवर ठीक तरह से कार्य नहीं कर पाता है। लिवर के ठीक तरह से कार्य ना करने पर दूध आसानी से नहीं पचता है इसीलिए फैटी लिवर की परेशानी होने पर दूध नहीं पीना चाहिए।

क्या फैटी लिवर में चावल खा सकते हैं?

चावल में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो लिवर को नुकसान कर सकता है इस वजह से फैटी लिवर होने पर चावल नहीं खाना चाहिए।

क्या फैटी लिवर में दही खा सकते हैं?

दही लिवर की अवशोषण करने की क्षमता को बढ़ाता है इसीलिए फैटी लिवर में दही और छाछ का सेवन किया जा सकता है। लेकिन दही और छाछ का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

लीवर के लिए कौन सा फल अच्छा है?

लिवर को मजबूत बनाने और लिवर से जुड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए पपीता सबसे अच्छा फल माना जाता है इसलिए पपीता नियमित रूप से खाना चाहिए।

लिवर की चर्बी कैसे कम करें?

लिवर की चर्बी कम करने के लिए नियमित रूप से योग किया जा सकता है। साथ ही आप पपीते का सेवन कर सकते हैं। अपने आहार में लहसुन और ग्रीन टी को भी शामिल करें क्योंकि यह भी लिवर में जमी चर्बी को दूर करते हैं।

लिवर खराब की पहचान क्या है?

भूख कम लगना, वजन लगातार घटना, थकान महसूस होना, उल्टी होना, दस्त होना, शरीर में खुजली होना यह लिवर खराब होने के लक्षण है।

लिवर में इन्फेक्शन होने के क्या लक्षण है?

लिवर में इन्फेक्शन होने पर थकान महसूस होती है, भूख नहीं लगती और उल्टी आती है, यूरिन का रंग गहरा हो जाता है, त्वचा पर खुजली होती है, पेट, पैरों और एड़ियों में दर्द और सूजन रहती है।

लिवर बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?

लिवर बढ़ने पर अखरोट खाना चाहिए क्योंकि अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, लहसुन खाना चाहिए क्योंकि लहसुन में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

सारांश

फैटी लिवर की परेशानी होने पर नियमित योग करना सबसे अच्छा माध्यम होता है क्योंकि योग के माध्यम से सरल तरीके से फैटी लिवर की परेशानी को दूर किया जा सकता है। योग करने के साथ संतुलित आहार भी बहुत जरूरी है। अपने आहार में गरिष्ठ भोजन को शामिल ना करें क्योंकि गरिष्ठ भोजन पचाने में लिवर सक्षम नहीं होता है। इसके साथ ही लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ जैसे कि शराब, गुटखा, सिगरेट, जंक फूड से भी परहेज करना चाहिए।

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