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कान के लिए योग- कान की सभी परेशानियों का आसान उपाये

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कान के लिए योग- कान की सभी परेशानियों का आसान उपाये

वर्तमान समय में हम जिस तरह की दिनचर्या जी रहे हैं ऐसे में कानों में परेशानी आना सामान्य सी बात है। हम कानों में ईयर फोन लगाकर तेज म्यूजिक सुनते हैं, कानों का ध्यान नहीं रखते, कानों की सफाई नहीं करते, तेज ध्वनि वाले क्षेत्रों में कार्य करते हैं, प्रदूषण की वजह से भी कानों पर असर पड़ता है जिससे हमारे सुनने की क्षमता कम हो जाती है या हमारे कानों में दर्द होने लगता है। जब यही समस्या अत्यधिक बढ़ जाती है तब हमारे बहरे होने का भी खतरा रहता है।

अगर समय रहते हम इन परेशानियों को दूर करना शुरू कर दें तो हम कान की परेशानियों से बच सकते हैं। कान में परेशानी आने पर, हमारी सुनने की क्षमता कम होने पर या कान में दर्द होने पर हम चिकित्सा करा सकते हैं या दवाइयों का सेवन कर सकते हैं। लेकिन यह बहुत महंगे उपाय होते हैं और इनसे उतना असर भी नहीं होता है, इसीलिए कान की परेशानी को दूर करने का सबसे आसान उपाय योग है।

नियमित रूप से योग करके हम कानों से जुड़ी सभी परेशानियों को दूर कर सकते हैं। इसीलिए यहां पर कान के लिए योगासन बताए जा रहे हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास कानों से जुड़ी सभी परेशानियों से आपको छुटकारा दिला देगा।

कान के लिए शवासन योग

➢ जब हम शवासन करते हैं तब हमारे शरीर की सभी मांसपेशियों को आराम मिलता है जिससे मांसपेशियों के कार्य करने की क्षमता बढ़ती है और उनमें मौजूद परेशानी दूर होती है।
➢ शवासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ यह भी पढ़े: बवासीर के लिए योग- बवासीर का प्राकृतिक उपचार
➢ अपने दोनों पैरों के बीच में एक से डेढ़ फुट का अंतर बना लें।
➢ अपने दोनों हाथों को कमर के बाजू में सीधा फैला लें।
➢ अपनी गर्दन को सीधा रखें और इस मुद्रा में सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

कान के लिए योग ब्रह्म मुद्रा

➢ जब हम ब्रह्म मुद्रा करते हैं तब हमारी गर्दन और सिर की मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है जिससे यह मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
➢ ब्रह्म मुद्रा करने के लिए चटाई पर सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➢ अपने हाथों से ध्यान मुद्रा बना लें।
➢ अब अपनी गर्दन को ऊपर और नीचे की तरफ घुमाना शुरू करें।
➢ पहले अपनी गर्दन को ऊपर ले जाएं फिर उसे धीरे-धीरे नीचे लाएं।
➢ इस तरह से यह प्रक्रिया 10 से 15 बार करें।
➢ इसके बाद अपनी गर्दन को दाएं-बाएं घुमाना शुरू करें।
➢ पहले अपनी गर्दन को दाएं तरफ ले जाएं फिर उसे पूरा बाएं तरफ ले आए।
➢ इस प्रक्रिया को भी 10 से 15 बार दोहराएं।
➢ इसके बाद अपनी गर्दन को गोल घुमाना शुरू करें।
➢ पहले अपनी गर्दन को क्लॉकवाइज पूरा 10 से 12 बार घुमाये और इसके बाद अपनी गर्दन को एंटी क्लॉकवाइज 10 से 12 बार घुमाये।
➢ इस मुद्रा को करते समय आपको अपनी आंखें खुली रखनी है।

कान के लिए योग भुजंगासन

➢ जब हम भुजंगासन करते हैं तब रक्त का संचार सिर की तरफ बढ़ जाता है ऐसे में सिर में मौजूद सभी मांसपेशियां लचीली व मजबूत बनती हैं।
➢ भुजंगासन करने के लिए चटाई पर पेट के बल लेट जाएं।
➢ अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रखले।
➢ साँस लेते हुए अपने सिर को ऊपर उठाने का प्रयास करें और जितना संभव हो सके उतना पीछे ले जाएं।
➢ इस स्थिति में कुछ देर के लिए रुके फिर सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

कान के लिए योग बालासन

➢ जब हम बालासन करते हैं ऐसे में रक्त का संचार हमारे सिर की तरफ होता है जिससे सिर में मौजूद मांसपेशियों तक सुचारू रूप से रक्त पहुंचता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
➢ बालासन करने के लिए वज्रासन की स्थिति में चटाई पर बैठ जाएं।
➢ सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर तक ले जाएं।
➢ सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकना शुरू करें और अपने सिर को जमीन पर रख लें।
➢ यह भी पढ़े: कमर दर्द का योग- कमर दर्द दूर करने के लिए आसान योग
➢ अपने हाथों को जमीन पर सामने की तरफ फैला लें।
➢ ऐसी स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहे।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

कान के लिए योग ताड़ासन

➢ ताड़ासन करने से भी कानों को लाभ होता है।
➢ ताड़ासन करने के लिए चटाई पर सीधे खड़े हो जाएं और अपने दोनों पैरों के बीच में दो से तीन इंच का अंतर बनाए रखें।
➢ अब सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर तक ले जाएं और अपने हाथों को आपस में मिला लें।
➢ अपने पूरे शरीर को ऊपर खींचने का प्रयास करें।
➢ ऐसा करते समय अपने पूरे शरीर का वजन आपके पैरों के आगे के भाग पर रहना चाहिए।
➢ आप की एड़ियां शरीर को ऊपर खींचते समय ऊपर रहनी चाहिए।
➢ अब सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ इस प्रकार यह प्रक्रिया 12 से 15 बार की जा सकती है।

कान का दर्द दूर भगाने के लिए कौन सा आसन किया जाता है?

कान का दर्द दूर भगाने के लिए आप ताड़ासन, भुजंगासन, बालासन, ब्रह्म मुद्रा और शवासन कर सकते हैं।

कान में भारीपन क्यों होता है?

बारिश के मौसम में कानों में नमी या उमस आ जाने से फंगल इंफेक्शन हो जाता है जिससे कान की नलियों में कैंडिडा नामक फंगस हो जाती है। जिसकी वजह से कान में भारीपन, खुजली, दर्द, कान का बंद होना, कान से पस आना, यहां तक कि कान के पर्दे में छेद होना और कम सुनाई पड़ने जैसी परेशानी हो सकती है। सर्दी-जुकाम होने पर भी यह समस्या हो सकती है।

सारांश

अत्यधिक तेज म्यूजिक सुनना, प्रदूषण, कानों की साफ-सफाई ना करना, कानों में परेशानी आने के प्रमुख कारण होते हैं। जिस वजह से कान में दर्द होता है, सुनने की क्षमता कम हो जाती है और इन परेशानियों के बढ़ने पर बहरापन भी आ सकता है।

यदि हम समय रहते योग करना शुरू कर दें तो इन परेशानियों से हम बच सकते हैं। यदि आपको यह परेशानियां नहीं है और आप नियमित रूप से योग करते हैं तो यह परेशानी आपको कभी हो ही नहीं सकती।

योग करने के साथ यह भी जरूरी है कि हम अत्यधिक तेज म्यूजिक ना सुने साथ ही नियमित रूप से अपने कानों की सफाई करते रहें और अपने कानों का ध्यान रखें। यदि इन बातों का ध्यान रखा जाता है तो कानों में कभी कोई परेशानी नहीं आ सकती है।

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