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खर्राटे के लिए योग

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खर्राटे के लिए योग

कई लोगों को खर्राटे की समस्या होती है। जब वे सोते हैं तब उन्हें जोर-जोर के खर्राटे आते हैं। जो व्यक्ति उनके आसपास सो रहा होता है उसकी नींद तो खराब होती ही है साथ ही खर्राटे आना आपके अस्वस्थ होने को भी दर्शाता है। यदि किसी व्यक्ति को खर्राटे आते हैं तो यह संकेत करता है कि उसे दिल की बीमारी, स्ट्रोक जैसी कोई गंभीर समस्या हो सकती है, जिस वजह से उसे खर्राटे आ रहे हैं।

इंसान खर्राटे क्यों मारता है?

ऐसा माना जाता है कि जब हम सोते हैं तब हमारे गले की मांसपेशियां विश्राम की स्थिति में होती हैं। ऐसे में मांसपेशियों के बीच जगहें सकरी हो जाती है। कई बार यह जगह इतनी सकरी हो जाती है या अस्थाई रूप से बंद हो जाती है कि इससे हवा ठीक तरीके से आ जा नहीं पाती जिसके कारण उसके आसपास मौजूद ऊतकों में कंपन होने लगता है जिस वजह से खर्राटों की आवाज आती है। ऊतकों में जितना ज्यादा कंपन होता है खर्राटों की आवाज उतनी ही ज्यादा आती है।

इसके साथ ही तनाव, मोटापा, साइनस, नाक की समस्या, धूम्रपान या शराब का अत्यधिक सेवन, खानपान की गलत आदतें, संक्रमण या एलर्जी, टॉन्सिल होने पर, जुबान पर सूजन आने पर भी खर्राटे आते हैं।

खर्राटे कैसे बंद करें?

खर्राटे बंद करने के लिए कई सारे उपाय अपनाए जा सकते हैं जैसे कि दवाइयों का सेवन करना, सर्जरी करवाना, लेकिन यह उपाय बहुत महंगे होते हैं साथ ही इनका हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है। इसीलिए खर्राटे बंद करने का सबसे सरल उपाय “योग” करना है नियमित योग करके खर्राटों की समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।

यहां पर हम आपको कुछ योगासन बता रहे हैं जिनका नियमित अभ्यास आपकी खर्राटों की समस्या को हमेशा के लिए दूर कर देगा।

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खर्राटे के लिए भुजंगासन योग

➣ जब हम भुजंगासन करते हैं और छाती ऊपर उठाते हैं ऐसे में फेफड़ों की सफाई होती हैं, साथ ही रक्त का संचार भी सुचारु रूप से होता है और शरीर में ऑक्सीजन लेवल भी बढ़ता है जिससे खर्राटों की समस्या दूर होती है।
➣ भुजंगासन योग करने के लिए चटाई पर पेट के बल आराम से लेट जाएं।
➣ अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रखें।
➣ दोनों पैरों के बीच में थोड़ा अंतर बनाए रखें।
➣ सांस लेते हुए अपने सिर, कंधों, पेट और छाती को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
➣ आपको अपने शरीर को नाभि तक उठाना है।
➣ अपनी गर्दन को जितना संभव हो पीछे ले जाने का प्रयास करें।
➣ ऐसी स्थिति में आपको कुछ देर तक रुकना है फिर वापस पहली स्थिति में आ जाना है।

खर्राटे के लिए धनुरासन योग

➣ धनुरासन योग करने से छाती की मांसपेशियां और फेफड़े मजबूत होते हैं जिससे गहरी सांस लेने में मदद मिलती है।
➣ धनुरासन योग करने के लिए चटाई पर पेट के बल लेट जाएं।
➣ अब अपने पैरों को अपने हाथों से पकड़ ले और अपने सिर और कंधों को जितना हो सके पीछे की तरफ खींचने का प्रयास करें।
➣ इस आसन को करते समय हमारी आकृति खिंचे हुए धनुष के समान होती है इसी कारण इसे धनुरासन कहा जाता है।
➣ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

खर्राटे के लिए सर्वांगासन योग

➣ जब हम सर्वांगासन करते हैं तो दिल तक शुद्ध रक्त का प्रवाह होता है, हमारी एकाग्रता बढ़ती है और हम तनाव और चिंता से मुक्त होते हैं, साथ ही हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं।
➣ सर्वांगासन योग करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➣ अपने पैरों को आसमान की तरफ ऊपर उठा ले और अपनी कमर को अपने हाथों से सहारा दें।
➣ ऐसी स्थिति में आपके शरीर का पूरा वजन आपके सिर और कंधों पर रहेगा।
➣ इस स्थिति में आपकी नजरें आपके पैरों के अंगूठे पर होनी चाहिए।
➣ सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ देर बाद वापस पहली स्थिति में आ जाएं।

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खर्राटे के लिए हलासन योग

➣ हलासन करने से हमारा शरीर लचीला बनता है, वजन कम होता है, दिल और फेफड़े मजबूत होते हैं।
➣ इस आसन को करते समय हमारी आकृति हल के समान होती है इसी कारण इसे हलासन कहा जाता है।
➣ हलासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➣ अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और अपने सिर के पीछे तक ले जाएं।
➣ पैरों के घुटने सीधे रहने चाहिए।
➣ अपने हाथों को जमीन पर फैला लें।

खर्राटे के लिए उष्ट्रासन योग

➣ उष्ट्रासन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है, मोटापा दूर होता है, दिल, किडनी, फेफड़े मजबूत होते हैं।
➣ उष्ट्रासन योग करने के लिए चटाई पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
➣ अब अपने दोनों हाथों से अपने दोनों पैरों के पंजों को पकड़ लें।
➣ आपको अपने सिर और कंधों को जितना हो सके पीछे ले जाने का प्रयास करना है।
➣ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है फिर वापस पहली स्थिति में आ जाना है।

बच्चे खर्राटे क्यों लेते हैं?

जब बच्चों को टॉन्सिल या नाक के पीछे के हिस्से में मौजूद एडिनॉएड ग्रंथि बढ़ जाती है तब वे खर्राटे लेने लगते हैं। बच्चों की नाक बंद होने पर भी मुंह से सांस लेने लगते हैं इस वजह से खर्राटे आते हैं। इसके अलावा सांस से जुड़ी एलर्जी होने पर भी बच्चों की नाक बंद हो जाती है और वे खर्राटे लेने लगते हैं।

सारांश

यदि आपको खर्राटे की परेशानी है तो आपको किसी चिकित्सक से परामर्श जरूर लेना चाहिए क्योंकि खर्राटे आने के कई सारे कारण होते हैं जैसे कि साइनस, तनाव, संक्रमण या एलर्जी, जबान पर सूजन आना, टॉन्सिल होना, स्ट्रोक या दिल की बीमारी होना।

इसके साथ ही आपको नियमित रूप से योग करना चाहिए क्योंकि योग सबसे सरल और सस्ता माध्यम है खर्राटे की परेशानी को दूर करने के लिए। नियमित योग करके आप अपने खर्राटे की परेशानी को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं। साथ ही यदि आप धूम्रपान करते हैं, सिगरेट, शराब का अत्यधिक सेवन करते हैं तो इन चीजों के सेवन से आपको बचना चाहिए।

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