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साइनस के लिए योग- साइनस की परेशानी का अंत

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साइनस के लिए योग- साइनस की परेशानी का अंत

साइनस नाक से जुड़ी एक बीमारी है जिसमें सांस लेने में तकलीफ होती है, छाती में भारीपन महसूस होता है, सर्दी-जुकाम की शिकायत बनी रहती है और कई बार बुखार भी आ जाता है। यदि समय रहते साइनस का उपचार ना किया जाये तो ये बीमारी आगे चलके दमा या अस्थमा का रूप ले सकती है। इस बीमारी से राहत पाने के लिए अक्सर लोग दवाइयों या स्प्रे का प्रयोग करते हैं लेकिन दवाइयों का प्रयोग करने के अपने विपरीत परिणाम होते हैं इसीलिए साइनस का सबसे अच्छा और घरेलू उपचार योग है क्योंकि योग एक प्राकृतिक तरीका है। यदि आप नियमित रूप से योग करते हैं तो साइनस की परेशानी को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।

यहां पर हम आपको कुछ योगासन बता रहे हैं जिनका नियमित अभ्यास साइनस से आपको छुटकारा दिलाएगा।

साइनस के लिए योग भुजंगासन

➢ भुजंगासन करने से हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं, इम्युनिटी बढ़ती है और साइनस में भी यह आसन लाभदायक होता है।
➢ भुजंगासन करने के लिए चटाई पर पेट के बल लेट जाएं।
➢ यह भी पढ़े: सांस फूलने का योग- सांस की परेशानियों का प्राकृतिक उपचार
➢ अब अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रखें।
➢ अपने दोनों पैरों के बीच में एक से डेढ़ फुट का अंतर बना लें।
➢ सांस लेते हुए अपने सिर और कंधों को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
➢ आपको अपनी नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठाना है।
➢ सिर को जितना हो सके पीछे रखने का प्रयास करें।
➢ इस स्थिति में हमारी आकृति सिर उठाए हुए सर्प की तरह होती है इसी कारण इसे कोबरापोज के नाम से भी जाना जाता है।
➢ कुछ देर ऐसी स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

साइनस के लिए योग उष्ट्रासन

➢ उष्ट्रासन करने से भी हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं, पाचन शक्ति मजबूत होती है, इम्युनिटी बढ़ती है और साइनस में भी यह आसन लाभदायक होता है।
➢ उष्ट्रासन करने के लिए चटाई पर घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
➢ दोनों घुटनों के बीच में लगभग 1 फुट का अंतर होना चाहिए।
➢ अब अपने सिर और कंधों को पीछे ले जाते हुए अपने हाथों से अपने पैरों के पंजों को पकड़ लें।
➢ इस स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

साइनस के लिए योग गोमुखासन

➢ गोमुखासन करने से भी हमारी इम्यूनिटी, पाचन शक्ति बढ़ती है, फेफड़े मजबूत होते हैं और गोमुखासन साइनस के लिए भी लाभदायक होता है।
➢ गोमुखासन करने के लिए चटाई पर बैठ जाएं।
➢ अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ सीधा फैला लें।
➢ अब अपने दाएं पैर के पंजे को पकड़कर बाएं जांघ के नीचे रखें और अपने बाएं पैर के पंजे को पकड़कर दाये जांघ के ऊपर रखें।
➢ अब अपने दाएं हाथ को सिर के बगल से पीछे की तरफ ले जाएं और अपने बाएं हाथ को पीछे कमर के पास ले जाएं और अपने हाथों को आपस में मिलाले।
➢ इस तरह से यह आसन दूसरी तरफ से भी दोहराएं।

साइनस के लिए सेतुबंधासन

➢ सेतुबंधासन हमारे फेफड़ों को मजबूत करता है, रक्त संचार को सुचारू रूप से होने देता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और साइनस में भी यह लाभदायक होता है।
➢ सेतुबंधासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ अपने दोनों पैरों को अपने शरीर के जितना पास हो सके उतना पास रखने का प्रयास करें।
➢ अब अपने नितंबों और कमर को ऊपर उठा ले।
➢ ऐसी स्थिति में आपके शरीर का वजन आपके पैरों और कंधों पर रहेगा।
➢ अपने हाथों से अपनी कमर को सहारा दे सकते हैं।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर ऐसी स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

साइनस के लिए योग पर्वतासन

➢ पर्वतासन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं, रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है, पाचन शक्ति मजबूत होती है और यह आसन साइनस में भी लाभदायक होता है।
➢ पर्वतासन करने के लिए चटाई पर पेट के बल लेट जाएं।
➢ अपने दोनों हाथों को अपनी छाती के बगल में रख ले।
➢ यह भी पढ़े: किडनी के लिए योग- किडनी की सभी परेशानियों का अंत
➢ अपने दोनों पैरों के बीच में लगभग 1 फुट का अंतर बना ले।
➢ अब एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने नितंबों को जितना हो सके ऊपर उठा ले।
➢ ऐसी स्थिति में आपके शरीर का पूरा वजन आपके हाथों और पैरों पर रहेगा।
➢ आपको अपनी नजरें अपनी नाभि पर केंद्रित करना है।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सांस को बाहर छोड़े रखना है।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

साइनस के लिए योग सर्वांगासन

➢ सर्वांगासन के नाम से ही पता चलता है कि यह आसन शरीर के सभी अंगों को लाभ पहुंचाता है।
➢ यह आसन साइनस में भी लाभदायक होता है।
➢ सर्वांगासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ अब अपने दोनों पैरों को सीधा आसमान की तरफ ऊपर उठा ले।
➢ पैरों के घुटने सीधे रहने चाहिए और दोनों पैर आपस में एक दूसरे से जुड़े रहने चाहिए।
➢ अपनी कमर को अपने हाथों से सहारा दें।
➢ आपकी नजरें आपके पैरों के अंगूठे पर रहनी चाहिए।
➢ इस आसन को करते समय सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

साइनस के लिए योग अनुलोम विलोम प्राणायाम

➢ अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से हमारी स्मरण शक्ति बढ़ती है, एकाग्रता बढ़ती है, फेफड़े मजबूत होते हैं और यह प्राणायाम साइनस में भी लाभदायक होता है।
➢ अनुलोम विलोम प्राणायाम करने के लिए सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➢ अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी नाक के दाये छिद्र को बंद करें और बाएं छिद्र से गहरी सांस लें।
➢ अब अपने हाथों से अपने नाक के बाएं छिद्र को बंद कर दें और दाएं छिद्र से पूरी श्वास को बाहर निकाल दें।
➢ अब दाये छिद्र से साँस ले और अपने अंगूठे से नाक के दाये छिद्र को बंद करके बायें छिद्र से साँस को बाहर निकाल दे।
➢ इस प्रक्रिया को 10 से 12 बार दोहराएं।

साइनस के लिए योग पादहस्तासन

➢ पादहस्तासन करने से हमारी पाचन शक्ति बढ़ती है, स्मरण शक्ति बढ़ती है और यह आसन साइनस के लिए भी लाभदायक है।
➢ पादहस्तासन करने के लिए चटाई पर सीधे खड़े हो जाएं।
➢ गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को आसमान की तरह सीधा ऊपर उठा ले और सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुके।
➢ अपने पैरों के पंजों को अपने हाथों से छूने का प्रयास करें।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ यह पादहस्तासन का एक चक्र पूरा हुआ।
➢ इस तरह से आप पादहस्तासन के 10 से 12 चक्र कर सकते हैं।

साइनस के लिए योग पश्चिमोत्तानासन

➢ पश्चिमोत्तानासन करने से भी हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं, पाचन शक्ति बढ़ती है, इम्युनिटी बढ़ती है और यह साइनस में भी लाभदायक है।
➢ पश्चिमोत्तानासन करने के लिए चटाई पर दंडासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➢ सांस लेते हुए अपने हाथों को आसमान की तरफ सीधा ऊपर उठा ले।
➢ सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकना शुरू करें और अपने हाथों से अपने पैरों के पंजों को छूने का प्रयास करें।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ पश्चिमोत्तानासन के भी 10 से 12 चक्र किए जा सकते हैं।

साइनस के लिए योगा हलासन

➢ साइनस के उपचार के लिए हलासन भी एक अच्छा आसन है।
➢ हलासन करने के लिए पीठ के बल चटाई पर लेट जाएं।
➢ अब अपने दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाते हुए अपने सिर के पीछे तक ले जाएं और उन्हें सिर के पीछे रख ले।
➢ अपनी कमर को अपने हाथों से सहारा दें।
➢ यह भी पढ़े: कान के लिए योग- कान की सभी परेशानियों का आसान उपाये
➢ अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने का प्रयास करें।
➢ ऐसी स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

आमतौर पर पूंछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

साइनस में क्या खाये?

साइनस की परेशानी होने पर विटामिन सी से भरपूर फल जैसे कि अंगूर, संतरा, नींबू का सेवन करना चाहिए साथ ही विटामिन ए वाली सब्जियां जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

साइनस को कैसे ठीक करें?

साइनस को ठीक करने के लिए नियमित रूप से योग करना चाहिए साथ ही अपने आहार में विटामिन ए और विटामिन सी से भरपूर फलों और सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

साइनस रोग क्या होता है?

हमारे मस्तिष्क या दिमाग में कई सारे छेद होते हैं जिन्हें कैविटी कहा जाता है। इन छेद की वजह से हमारा सिर हल्का बना रहता है और हमें सांस लेने में मदद मिलती है। इन्हीं छिद्रों को साइनस कहा जाता है। जब इन्हीं छिद्रों में कफ भर जाता है तो हमें सांस लेने में परेशानी महसूस होती है। इस समस्या को साइनोसाइटिस कहा जाता है इसे ही आम बोलचाल की भाषा में साइनस कहा जाता है।

साइनस कितने दिन में ठीक होता है?

आमतौर पर सर्दी जुकाम होने पर साइनस की समस्या हो सकती है जैसे-जैसे सर्दी जुकाम ठीक होता जाता है साइनस की परेशानी भी दूर होती जाती है।

साइनोसाइटिस कितने प्रकार के होते हैं?

साइनोसाइटिस मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं-

  1. तीव्र साइनोसाइटिस
  2. मध्यम तीव्र साइनोसाइटिस
  3. जीर्ण साइनोसाइटिस
  4. आवर्तक साइनोसाइटिस

सारांश

साइनस आमतौर पर सर्दी जुकाम की वजह से होने वाली परेशानी है। यदि उसका समय पर इलाज नहीं किया जाता तो यह बढ़कर दमा का रूप भी ले सकती है। इसके उपचार के लिए स्प्रे या दवाइयों का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन यह उतने ज्यादा कारगर नहीं होते और दवाइयों के विपरीत परिणाम भी हमें देखने को मिल सकते हैं इसीलिए साइनस के उपचार के लिए सबसे कारगर उपाय योग है।

नियमित रूप से योग करके साइनस की परेशानी को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है। योग करने के साथ हमें अपने आहार में विटामिन सी और विटामिन ए वाली सब्जियों और फलों को शामिल करना चाहिए। इनसे भी हमें साइनस को दूर करने में बहुत सहायता मिलती है।

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