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चक्कर आने पर योग- वर्टिगो का इलाज

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चक्कर आने पर योग- वर्टिगो का इलाज

कुछ लोगों को चक्कर आने की परेशानी होती है जिसे वर्टिगो कहा जाता है। जब उन्हें चक्कर आते हैं तब उनका सिर घूमने लगता है और वे चक्कर खाकर गिर जाते हैं। अचानक से चक्कर आना किसी गंभीर दुर्घटना या चोट का कारण भी बन सकता है। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि चक्कर आने की परेशानी को दूर किया जाए। इस तरह से चक्कर आने के कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे कि मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम होना, गर्दन में या सिर में दर्द होना, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, गर्दन में टाई को ज्यादा जोर से बांधना, बहुत ऊंचा तकिया रखकर सोना, मस्तिष्क के किसी एक भाग में रक्त का संचार कम हो जाना, उच्च या निम्न रक्तचाप।

नियमित रूप से योग करके इस परेशानी को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है इसलिए आपको यहां पर कुछ योगासन बताए जा रहे हैं जिनका आपको नियमित अभ्यास करना चाहिए।

चक्कर आने पर योग नाड़ी शोधन प्राणायाम

➢ नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के लिए चटाई पर पद्मासन, अर्ध पद्मासन, सुखासन में बैठ जाएं।
➢ अब अपनी आंखों को कोमलता से बंद करें।
➢ अपने अंगूठे को नासिका के दाएं छिद्र पर रखे और नासिका के दाये छिद्र को बंद करें।
➢ यह भी पढ़े: कपालभाति प्राणायाम के फायदे और नुकसान
➢ अब नासिका के बाएं छिद्र से सांस लें।
➢ सांस लेने के बाद अपनी छोटी उंगली और अनामिका से अपनी नासिका के बाएं छिद्र को बंद कर लें और जो सांस आपने ली थी उसे नासिका के दाये छिद्र से बाहर निकाल दें।
➢ अब नासिका के दाएं छिद्र से सांस लें।
➢ सांस लेने के बाद अंगूठे से नासिका के दाये छिद्र को बंद कर ले और बाएं छिद्र को खोल ले।
➢ बाएं छिद्र को खोलने के बाद पूरी साँस बाहर निकाल दें।
➢ इस प्रक्रिया को 8 से 10 बार दोहराएं।

चक्कर आने पर योग मर्कटासन

➢ मर्कट बंदर को कहा जाता है। इस आसन को करते समय हमारे शरीर की आकृति बन्दर की भांति बन जाती है इसी कारण इसे मर्कटासन कहां जाता है।
➢ मर्कटासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ अपने दोनों पैरों को अपनी कमर के पास रख ले। दोनों पैरों के घुटने और पैरों की एड़ियां आपस में जुड़ी हुई होनी चाहिए।
➢ अपने दोनों हाथों को सीधा करें और उन्हें कंधों की सीध में रखें।
➢ अब आपको सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों को दाहिनी तरफ घुमा लेना है और अपनी गर्दन को बाएं तरफ घुमाना है।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस घुटनों और गर्दन को सीधा कर लेना है।
➢ इसके बाद फिर सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों को बाएं तरफ घुमाना है और अपनी गर्दन को दाये तरफ घुमाना है।
➢ इस स्थिति में भी आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर ऐसी स्थिति में रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस घुटने और गर्दन को सीधा कर लेना है।
➢ इस तरह से इसके तीन से पांच चक्र करें।

चक्कर आने पर योग बालासन

➢ बालासन करने से चक्कर आने की परेशानी में राहत मिलती है।
➢ बालासन करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं।
➢ आपके पैर के पंजे अंदर की तरफ रहने चाहिए और एड़िया बाहर निकली हुई होनी चाहिए।
➢ अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और अपने दोनों हाथों को सांस लेते हुए ऊपर उठा ले।
➢ अब सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकना शुरू करें।
➢ अपने माथे को जमीन से लगा ले। अपने हाथों को भी जमीन पर सीधा फैला लें।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुके फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

चक्कर आने पर योग ब्रह्म मुद्रा

➢ ब्रह्म मुद्रा करने के लिए आपको जमीन पर सुखासन में या पालथी मारकर बैठना है या फिर आप कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं।
➢ आपको अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखना है।
➢ अब अपनी गर्दन को पूरा ऊपर उठाएं।
➢ यह भी पढ़े: चेहरे पर चमक लाने के लिए योग
➢ पूरा ऊपर उठाने के बाद अपनी गर्दन को धीरे-धीरे नीचे लाएं और अपनी ठुड्डी को अपनी छाती से लगा ले।
➢ इस प्रक्रिया को 8 से 10 बार करें।
➢ इसी तरह से आपको अपनी गर्दन को दाएं घुमाना है और फिर पूरी गर्दन को बाय घुमाना है।
➢ इस प्रक्रिया को भी 8 से 10 बार दोहराएं।
➢ इसको करने के बाद आपको अपनी गर्दन को क्लॉक वाइज चारों ओर घुमाना है।
➢ जितना आपने गर्दन को क्लॉक वाइज घुमाया है उतनी ही बार अपनी गर्दन को एंटी क्लॉक वाइज घुमाना है।

चक्कर आने पर योग विपरीत करणी

➢ विपरीत करणी योगा करने से रक्त का संचार सिर की तरफ बढ़ जाता है जिससे चक्कर आने की परेशानी दूर होती है।
➢ विपरीत करणी योग करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ अब अपने दोनों पैरों को पूरा ऊपर उठा ले।
➢ आपके दोनों पैरों के घुटने सीधे रहने चाहिए।
➢ इस स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ शुरुआत में आपको केवल अपने पैरों को ही ऊपर उठाना है अपनी कमर को ऊपर ना उठाएं।

चक्कर आने पर योग पश्चिमोत्तानासन

➢ पश्चिमोत्तानासन के नियमित अभ्यास से भी चक्कर आने की परेशानी दूर होती है।
➢ पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने के लिए चटाई पर दंडासन में बैठे।
➢ अब अपने दोनों हाथों को बाजू से उठाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं।
➢ हाथ ऊपर ले जाते समय आपको सांस लेना है।
➢ अब सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकना शुरू करें और अपने हाथों से अपने पैरों को छूने का प्रयास करें।
➢ आपको अपने माथे को अपने पैरों के घुटनों से लगाने का भी प्रयास करना है।
➢ इस स्थिति में कुछ सेकंड के लिए रुके इसके बाद सांस लेते हुए बापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ इस तरह से आपको पश्चिमोत्तानासन के 10 से 12 चक्र करना है।

चक्कर आने पर योग भुजंगासन

➢ भुजंगासन करने से भी रक्त का संचार सिर की तरफ बढ़ जाता है।
➢ भुजंगासन करने के लिए आपको चटाई पर पेट के बल लेट जाना है।
➢ अपने दोनों हाथों को अपने सीने के बगल में रख लेना है।
➢ अपने दोनों पैरों के बीच में डेढ़ फुट का अंतर बना लेना है।
➢ अब आपको सांस लेते हुए अपने कंधे, छाती को ऊपर उठाना है।
➢ अपनी नाभि तक के हिस्से को आपको ऊपर उठाना है।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सांस को अंदर ही रोके रखना है।
➢ कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

चक्कर आने पर योग उष्ट्रासन

➢ उष्ट्रासन योग करते समय हमारे शरीर की आकृति ऊंट की तरह बन जाती है इसी कारण से इसे उष्ट्रासन कहा जाता है।
➢ उष्ट्रासन को कैमल पोज भी कहा जाता है।
➢ उष्ट्रासन करने से भी हमारे सिर की तरफ रक्त का संचार बढ़ जाता है।
➢ उष्ट्रासन करने के लिए घुटनों के बल चटाई पर बैठ जाएं।
➢ पैरों के तलवे आसमान की तरह होने चाहिए।
➢ अब आपको अपने सिर और कंधों को पीछे ले जाते हुए अपने हाथों से अपने पैरों के पंजों को पकड़ लेना है।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर ऐसी स्थिति में रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

चक्कर आने पर योग शवासन

➢ शवासन योगासनों के अंत में किया जाने वाला आसान है क्योंकि इसे करने से हमारे पूरे शरीर को आराम मिलता है।
➢ शवासन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ यह भी पढ़े: झुर्रियों के लिए योग-झुर्रियों का प्राकृतिक इलाज
➢ अपने दोनों पैरों के बीच में थोड़ा अंतर बना ले।
➢ अपने हाथों को बगल में सीधा फैला लें।
➢ अपनी गर्दन को भी सीधा रखें।
➢ इस स्थिति में आपको कुछ देर विश्राम करना है।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

बार बार चक्कर आने का क्या कारण है?

बार-बार चक्कर आने के प्रमुख कारणों में चिंता, तनाव, निम्न रक्तचाप, विटामिन बी की कमी, विटामिन डी की कमी, शरीर में आयरन की कमी, हड्डियों का कमजोर होना, इम्यूनिटी कमजोर होना, लंबे समय तक खड़े रहना, माइग्रेन की समस्या, एनीमिया या अधिक तली हुई चीजों का सेवन हो सकता है।

सिर का भारीपन क्यों होता है?

सिर का भारीपन अवसाद की वजह से हो सकता है। आजकल लोगों पर कार्य का दबाव इतना अधिक है कि वे उसे संभाल नहीं पा रहे हैं और तनाव या चिंता के शिकार हो जाते हैं। जिस वजह से उनके सिर में भारीपन रहता है।

वर्टिगो में क्या नहीं खाना चाहिए?

यदि आपको वर्टिगो की परेशानी है तो आपको चाय, कॉफी, जंक फूड, अधिक तला-भुना खाने से बचना चाहिए।

वर्टिगो बीमारी क्या है?

वर्टिगो बीमारी कान के अंदर के हिस्से में होती है। वर्टिगो वेस्टिबुलर सिस्टम में कोई परेशानी आने से होती है। यह सिस्टम मस्तिष्क को नियंत्रित करता है। कई बार मस्तिष्क में असंतुलन आ जाता है उस वजह से भी यह बीमारी होती है।

चक्कर आना कैसे बंद करें?

यदि आपको किसी सामान्य कारण से चक्कर आ जाता है तो उसको ठीक करने के लिए आप ग्रीन टी, पुदीना की चाय या अदरक की चाय पी सकते हैं, इसके साथ ही सूखा धनिया का गुड़ के साथ सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको जी मिचलाने और चक्कर आने से छुटकारा मिल सकता है लेकिन यदि आपको कोई बीमारी है तब इसके लिए आपको किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

सारांश

चक्कर हमें किसी साधारण कारण की वजह से भी आ सकते हैं जैसे कि तेज धूप की वजह से, भूख की वजह से, गर्मी की वजह से। ऐसे चक्कर आने पर साधारण उपाय करके इनको ठीक किया जा सकता है लेकिन कई बार गंभीर बीमारी की वजह से भी चक्कर आते हैं जैसे कि मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम हो जाना, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, उच्च या निम्न रक्तचाप। जब कोई गंभीर बीमारी के कारण चक्कर आने की परेशानी हो तब इसका इलाज कराना जरूरी हो जाता है।

योग के माध्यम से भी इसका सफलता से इलाज किया जा सकता है। नियमित रूप से योग करके चक्कर आने की परेशानी या वर्टिगो को भी ठीक किया जा सकता है। योग करने के साथ यह भी जरूरी है कि आप अपने खान-पान का भी ध्यान रखें।

यह भी पढ़े:-
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