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आंतों के लिए योग-आंतों की परेशानी से छुटकारा

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आंतों के लिए योग-आंतों की परेशानी से छुटकारा

आंतों के स्वस्थ रहने पर पित्त, वात, कफ, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, शुगर नियंत्रण में रहते हैं और किडनी, लिवर स्वस्थ रहते है। यदि आंतों में कोई परेशानी होती है तो पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है साथ ही पेट से जुड़ी कई सारी बीमारियां भी हो सकती है जैसे कि पेट का फूलना, पेट में दर्द होना, अपच की परेशानी होना, गैस हो जाना। यदि इन परेशानियों से बचना चाहते हैं तो आंतों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी होता है। आंतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से योग करना सबसे अच्छा माध्यम है। यहां पर कुछ योगासन बताए जा रहे हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास आपकी आंतों को स्वस्थ रखेंगें।

आंतों के लिए योग परिघासन

➢ परिघासन योग करने से आंते स्वस्थ रहती हैं साथ ही यह पाचन शक्ति को भी मजबूत बनाता है।
➢ परिघासन योग करने के लिए चटाई पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
➢ अब अपने दाएं पैर को दाएं तरफ सीधा फैला लें।
➢ दाये पैर का घुटना सीधा रहना चाहिए और पैरों की उंगलियां जमीन से लगी हुई होनी चाहिए।
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➢ अब सांस लेते हुए अपने बाएं हाथ को सीधा ऊपर कर ले और उसे अपने कान से लगा ले।
➢ दाएं हाथ को अपने दाएं पैर की जांघ पर रखें और धीरे-धीरे दाएं तरफ कमर को झुकाना शुरू करें।
➢ कमर को झुकाते हुए अपने दाएं हाथ को भी आगे बढ़ाते जाएं।
➢ जितना आसानी से आप झुक सकते हैं उतना झुकें इसके बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ अब इसी प्रक्रिया को बाएं तरफ से भी करना है।

आंतों के लिए योग बालासन

➢ बालासन करने से भी आंते स्वस्थ रहती हैं और पाचन शक्ति मजबूत होती है।
➢ बालासन योग करने के लिए चटाई पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➢ आपके पैरों की एड़ियां बाहर की तरफ होनी चाहिए और पैरों के पंजे अंदर की तरफ रहना चाहिए।
➢ अब आपको सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर तक ले जाना है।
➢ हाथों को सिर के ऊपर ले जाने के बाद सांस छोड़ते हुए अपनी कमर को सामने की तरफ झुकाना शुरू करें।
➢ सामने झुकते हुए अपने माथे को जमीन से लगा ले और अपने हाथों को जमीन पर फैला लें।
➢ इस स्थिति में आपको कुछ देर रुकना है इसके बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

आंतों के लिए योग सेतुबंध आसन

➢ सेतुबंध आसन करने से भी पाचन शक्ति मजबूत होती है और यह आंतों के लिए भी लाभदायक होता है।
➢ सेतुबंध आसन करने के लिए चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं।
➢ अब अपने दोनों पैरों के पंजों को अपनी कमर के पास लाना है।
➢ पैरों के पंजों को कमर के पास रखने के बाद अपने नितंब, कमर और पीठ को ऊपर उठाले।
➢ इस स्थिति में आपका सिर और कंधा जमीन से लगा हुआ रहना चाहिए।
➢ आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है और कुछ देर बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

आंतों के लिए योग वज्रासन

➢ वज्रासन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है जिससे आंतों को भी लाभ होता है।
➢ वज्रासन करने के लिए चटाई पर दंडासन की स्थिति में बैठ जाएं।
➢ अब अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए दाएं पैर के पंजे को दाएं हिप के नीचे रख ले।
➢ इसके बाद बाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पैर के पंजे को बाएं हिप के नीचे रख ले।
➢ ऐसी स्थिति में आपके पैरों की एड़ियां बाहर की तरफ होनी चाहिए और पैरों के पंजे अंदर की तरफ होना चाहिए।
➢ अपनी कमर और सिर को भी सीधा रखें।
➢ अपने हाथों को पैरों के घुटनों पर रख ले।
➢ अब आपको सामान्य रूप से सांस लेते रहना है।
➢ कुछ देर बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
➢ वज्रासन करते समय आपको अपनी आंखों को भी बंद रखना है।

आंतों के लिए योग धनुरासन

➢ धनुरासन भी पाचन शक्ति बढ़ाने, आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है।
➢ धनुरासन योग करने के लिए सबसे पहले आपको चटाई पर पेट के बल लेटना होगा।
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➢ चटाई पर पेट के बल लेटने के बाद अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए पैरों के पंजों को अपनी कमर के पास ले आए।
➢ अब अपने दोनों पैरों के पंजों को अपने हाथों से पकड़ ले।
➢ पैरों के पंजों को पकड़ने के बाद अपने हाथों की कोहनियों को सीधा करें और अपने पैरों को ऊपर खींचने का प्रयास करें।
➢ इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ देर बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जायें।

आंतों के लिए योग पवनमुक्तासन

➢ पवनमुक्तासन करने के लिए पीठ के बल आपको जमीन पर लेटना होगा।
➢ अब अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए पैरों के घुटनों को अपने सीने के पास ले आए।
➢ घुटनों को सीने की तरफ लाने के बाद अपने सिर और छाती को भी ऊपर उठा ले और उन्हें अपने घुटने के पास ले जाएं।
➢ अब अपने हाथों से अपने घुटनों को पकड़ ले।
➢ ऐसी स्थिति में आपको सामान्य रूप से सांस लेना है और कुछ देर बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाना है।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

पेट की आंतों को कैसे मजबूत बनाएं?

पेट की आंतों को मजबूत बनाने के लिए आपको नियमित रूप से योग करना चाहिए। योग करने से पेट की आंते ना केवल मजबूत बनेगी बल्कि आपकी पाचन शक्ति भी अच्छी होगी। इसके साथ ही आपको अपने खाने में प्रोटीन को शामिल करना चाहिए और हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज को भी शामिल करना चाहिए।

आंतों में जमा मल कैसे निकाले?

आंतों में जमा मल बाहर निकालने के लिए आपको नियमित रूप से सुबह नींबू पानी पीना चाहिए। नींबू पानी पीने से आंतों में जो भी गंदगी मौजूद रहती है वह पूरी बाहर निकल जाती है। नींबू पानी पीने के बाद आपको आधे से 1 घंटे तक कुछ भी खाना-पीना नहीं है।

आंतों में गैस क्यों बनती है?

आंतों में गैस बनने का प्रमुख कारण होता है अपच। अपच की वजह से हमारी पाचन प्रणाली बिगड़ जाती है जो गैस बनने का कारण बनती है। खाली पेट रहने पर गैस ज्यादा तेजी से बनती है इसलिए आपको सुबह जल्दी नाश्ता कर लेना चाहिए जिससे अपच ना हो पाए और गैस ना बने।

सारांश

आंतों के अस्वस्थ होने पर वात, पित्त, कफ, कोलेस्ट्रोल, शुगर, यूरिक एसिड बिगड़ने लगते हैं जो कई सारी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं साथ ही किडनी और लिवर भी अस्वस्थ्य हो जाते हैं इसलिए अपनी आंतों को स्वस्थ बनाए रखना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। आंतों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए योग एक सबसे कारगर उपाय है। नियमित रूप से योग करके अपनी पाचन शक्ति को भी मजबूत बनाया जा सकता है और अपनी आंतों को भी स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।

योग करने के साथ-साथ हमें अपने भोजन में प्रोटीन को शामिल करना चाहिए साथ ही नियमित रूप से सुबह के समय नींबू पानी पीना चाहिए। नीबू पानी पीने से आंतों में मौजूद गंदगी बाहर निकल जाती है और पाचन शक्ति भी सुधरती है। इसके साथ ही हमें अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज को भी शामिल करना चाहिए। यदि इन सभी बातों को ध्यान में रखकर योग करेंगे तो आप अपनी आंतों को हमेशा स्वस्थ रख पाएंगे।

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