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साइटिका पेन योग-साइटिका दर्द के लिए योग

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साइटिका पेन योग-साइटिका दर्द के लिए योग

साइटिका की नसें कमर के निचले हिस्से से लेकर पैरों में फैली हुई होती हैं। जब इनमें खिंचाव या सूजन आती है तो इनमें दर्द होने लगता है जो बहुत असहनीय होता है और इसे ही साइटिका का दर्द कहा जाता है। जब साइटिका का दर्द उठता है तब वह व्यक्ति ना तो ठीक से खड़े हो पाता है और ना ही ठीक से चल पाता है वह अपने रोजमर्रा के काम को भी ठीक से नहीं कर पाता।

मसल्स पर बहुत ज्यादा दबाव आने पर, मसल्स का बहुत ज्यादा उपयोग करने पर, मसल्स में चोट लगने पर, मसल्स टाइट होने पर, निचली पसलियों में चोट लगने पर साइटिका का दर्द हो सकता है। नियमित रूप से योग करके साइटिका पेन को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है। यहां पर कुछ योगासन बताए जा रहे हैं जिनका नियमित अभ्यास आपको साइटिका के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाएगा।

साइटिका पेन योग दंडासन

➣ दंडासन करने से कमर के निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियों पर खिंचाव आता है जिससे यह मांसपेशियां अच्छे से कार्य करती हैं।
➣ दंडासन करने के लिए योगा चटाई पर बैठ जाएं।
➣ अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैलालें।
➣ पैरों के पंजे और घुटने आपस में जुड़े हुए होने चाहिए और घुटने सीधे रहने चाहिए।
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➣ अपनी कमर को सीधा रखें और सामने की तरफ देखें।
➣ आप अपने हाथों को अपने पैरों के घुटनों पर रख सकते हैं।
➣ इस अवस्था में आपको कुछ देर तक रुकना है इसके बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाना है।

साइटिका पेन के लिए योग सलभासन

➣ सलभासन करने से भी पैरों की मांसपेशियां और कमर की मांसपेशियों पर खिंचाव आता है जिससे यह मांसपेशियां सुचारू रूप से कार्य करती हैं।
➣ सलभासन करने के लिए आपको चटाई पर पेट के बल लेटना होगा।
➣ दोनों पैरों के पंजों के बीच में दूरी बना लें।
➣ अपने हाथों की हथेलियों को अपने पैरों की जांघों के नीचे रख ले।
➣ अपनी चिन को जमीन से लगाकर रखना हैं।
➣ अब आपको सांस लेना है और सांस लेते हुए अपने दाहिने पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाना है।
➣ जितना आप आसानी से अपने पैर को ऊपर उठा सकते हैं उतना ऊपर उठाएं और लगभग 5 सेकेंड के लिए इसे ऐसी स्थिति में रोककर रखें।
➣ इसके बाद सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने पैर को वापस नीचे ले जाएं।
➣ अब इसी प्रक्रिया को आपको अपने बाएं पैर से भी दोहराना है।
➣ इसके बाद आपको फिर सांस लेना है और सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे ऊपर उठाना है और लगभग 5 सेकंड के लिए ऐसी स्थिति में रोककर रखना है।
➣ 5 सेकंड बाद सांस छोड़ते हुए अपने दोनों पैरों को धीरे-धीरे नीचे ले जाना है।
➣ शुरुआत में आप अपने केवल एक-एक पैर से ही इसका अभ्यास कर सकते हैं और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद दोनों पैरों से इसका अभ्यास करें।

साइटिका पेन के लिए योग सुप्त कपोतासन

➣ सुप्त कपोतासन करने से भी पैरों की मांसपेशियों पर अच्छा खिंचाव आता है जिससे यह सुचारू रूप से कार्य करती रहती हैं।
➣ सुप्त कपोतासन करने के लिए अपनी पीठ के बल आ जाएं।
➣ अपने दोनों पैरों को सीधा फैला लें।
➣ अब अपने बाएं पैर के पंजे को अपनी कमर के पास ले आए।
➣ अपने दाएं पैर के पंजे को बाएं पैर के घुटने के ऊपर रखें।
➣ अब अपने दोनों हाथों को दाएं पैर के नीचे से ले जाकर बाएं पैर की जांघ को पकड़ लेना है और अपने बाएं पैर को पूरा सीधा कर लेना है।
➣ बाएं पैर को सीधा करने के बाद इसे अपनी तरफ खींचना है।
➣ अब इसी प्रक्रिया को आपको अपने दाएं पैर से भी करना है।

साइटिका पेन के लिए योग सुप्त मत्स्येन्द्रासन

➣ सुप्त मत्स्येंद्रासन करने से कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर अच्छा खिंचाव आता है जिससे यह मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
➣ सुप्त मत्स्येंद्रासन करने के लिए पीठ के बल आ जाएं।
➣ अपने दोनों पैरों को सीधा फैला लें और उनमें थोड़ा सा अंतर बनाए रखें।
➣ अब आपको अपने दाहिने पैर के पंजे को अपने बाएं पैर के जांघ के ऊपर रखना है। घुटने से थोड़ा सा ऊपर।
➣ इसके बाद अपने बाएं हाथ को दाएं पैर के घुटने पर रखें और अपने बाएं हाथ से दाएं पैर पर दबाव डालते हुए अपने दाहिने पैर को बाएं तरफ झुकाने का प्रयास करें।
➣ इसके साथ ही अपनी गर्दन को दाईं तरफ घुमा ले।
➣ कुछ देर इस अवस्था में रुकने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाना है।
➣ अब यही प्रक्रिया आपको अपने दूसरे पैर से भी करना है।

साइटिका पेन के लिए योग आनंद बालासन

➣ आनंद बालासन करने से कमर, कमर के निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियों पर अच्छा दबाव आता है जिससे यह मांसपेशियां सही तरह से कार्य करती हैं।
➣ आनंद बालासन करने के लिए योगा चटाई पर पीठ के बल आ जाएं।
➣ अब आपको अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए ऊपर उठा लेना है।
➣ इसके बाद अपने हाथों की तर्जनी और मध्यमा अंगुलियों से अपने पैरों के अंगूठे को पकड़ लेना है।
➣ अब आपको अपने पैरों को अपनी तरफ खींचना है।
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➣ आपके दोनों पैरों के बीच में आपके कंधों जितना अंतर रहना चाहिए।
➣ कुछ देर इसका अभ्यास करने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

साइटिका कैसे ठीक होता है?

साइटिका को ठीक करने के लिए आपको नियमित रूप से योग करना चाहिए। इसके साथ ही आपको एक सही जीवन शैली जीना चाहिए। यदि आप धूम्रपान करते हैं तो आपको धूम्रपान छोड़ देना चाहिए, यदि आपका वजन ज्यादा है तो आपको अपने वजन को नियंत्रित रखना चाहिए।

साइटिका का देसी इलाज क्या है?

साइटिका का देसी इलाज है मालिश करना। नारियल, सरसों या तिली के तेल से मालिश करने से साइटिका ठीक किया जा सकता है। ठंड के समय में साइटिका की परेशानी बढ़ जाती है ऐसे में सरसों के तेल से मालिश लाभकारी रहेगी।

साइटिका की प्रॉब्लम क्यों होती है?

साइटिका की प्रॉब्लम होने के प्रमुख कारण होते हैं तंत्रिकाओं में सूखापन आना, रीढ़ की हड्डी का खिसकना, मसल्स टाइट होना, मसल्स में चोट लगना, मसल्स का बहुत ज्यादा उपयोग होना, निचली पसली में चोट आना।

सारांश

आयुर्वेद के अनुसार जब वात दोष एवं कफ दोष हो जाता है तो यह साइटिका का कारण बनता है। साइटिका में पैरों में पीड़ा होती है जिस वजह से चलने का तरीका गिद्ध के समान हो जाता है इसीलिए इसे आयुर्वेद में गृध्रसी रोग कहा गया है। मसल्स में चोट लगना, मसल्स का बहुत ज्यादा उपयोग करना, मसल्स में तनाव आना, निचली पसलियों में चोट लगना, साइटिका के कुछ कारण होते हैं। यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो साइटिका की परेशानी को दूर किया जा सकता है। योग करने के साथ-साथ आपको अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित रखना चाहिए ऐसा करने से भी साइटिका में लाभ होता है। यदि आप धूम्रपान करते हैं तो आपको धूम्रपान भी छोड़ देना चाहिए। यदि इन बातों को ध्यान में रखकर आप योग करेंगे तो आप अपने साइटिका की परेशानी को बहुत जल्द ही दूर कर लेंगे।

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