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सूर्य नमस्कार योग के फायदे जानकर रह जायेंगे हैरान | Surya Namaskar Ke Fayde

सूर्य नमस्कार योग के फायदे जानकर रह जायेंगे हैरान?
सूर्य नमस्कार योग के फायदे जानकर रह जायेंगे हैरान | Surya Namaskar Ke Fayde


सूर्य नमस्कार करते समय विभिन्न आसनों और मुद्राओं को किया जाता है जिससे पूरे शरीर को लाभ होता है। आज के समय में योग का महत्व बढ़ता जा रहा है क्योंकि कई कारणों से बीमारियां बढ़ रही हैं और उनसे बचने के लिए लोग योग कर रहे हैं। सूर्य नमस्कार करने से हम ना केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ होते हैं। सूर्य नमस्कार की 12 स्थितियां होती हैं इन्हें करके ही सूर्य नमस्कार का एक चक्र पूरा होता है। सूर्य नमस्कार में हम प्रार्थना मुद्रा, हस्त उत्तानासन, पादहस्तासन, अश्व संचालनासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार और भुजंगासन का अभ्यास करते हैं। यह सूर्य नमस्कार का एक चक्र कहलाता है।


सूर्य नमस्कार योग के फायदे (Surya Namaskar Ke Fayde)


(1) पाचन तंत्र मजबूत होता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारा पाचन तंत्र मजबूत बनता है जिससे पेट से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याएं जैसे कि गैस, कब्ज, अपच दूर होते हैं।

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(2) वजन को नियंत्रित करता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारा वजन नियंत्रित रहता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है जब वे सूर्य नमस्कार करते हैं तो उनका वजन सामान्य हो जाता है। इसलिए जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उन्हें सूर्य नमस्कार जरूर करना चाहिए।

(3) शरीर में लचीलापन लाता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारे पूरे शरीर में लचीलापन आता है। सूर्य नमस्कार में हम 12 आसनों का अभ्यास करते हैं जिससे पूरा शरीर लचीला व स्वस्थ बनता है।

(4) हड्डियां मजबूत बनती है


सूर्य नमस्कार को नियमित रूप से करने से हमारी सभी हड्डियां मजबूत होती हैं और यदि हड्डियों में कोई परेशानी होती है तो वह भी दूर हो जाती है।

(5) शारीरिक संरचना में सुधार होता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारी शारीरिक संरचना में सुधार होता है। कई बार ज्यादा देर तक काम करने से, कंधे झुका कर बैठने या चलने से हमारी शारीरिक संरचना बिगड़ जाती है जो सूर्य नमस्कार करने से ठीक हो जाती है।

(6) सूर्य नमस्कार करने से तनाव दूर होता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से तनाव की परेशानी भी दूर होती है। आज के समय में कार्य का अधिक दबाव होने से, पारिवारिक परेशानियों की वजह से ज्यादातर लोग तनाव में रहते हैं। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से तनाव पूरी तरह दूर हो जाता है और हमें मानसिक शांति प्राप्त होती है।

(7) सूर्य नमस्कार करने से अच्छी नींद आती है


नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास अच्छी नींद लाता है। कई लोगों को अनिद्रा की परेशानी होती है जिस वजह से वे लोग रात में ठीक से नहीं सो पाते। यदि वे नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें तो उनकी अनिद्रा की परेशानी दूर हो जाएगी।

(8) सूर्य नमस्कार करने से लंबाई बढ़ती है


जो लोग अपनी लंबाई को बढ़ाना चाहते हैं उन्हें भी नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करना चाहिए। सूर्य नमस्कार में 12 आसन किए जाते हैं जिससे हमारी लंबाई जल्द बढ़ने लगती है।

(9) सूर्य नमस्कार करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है


यदि नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया जाता है तो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे हम जल्दी बीमार नहीं होते है। कई बार मौसम की वजह से भी हमें सर्दी-जुकाम हो जाता है। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास करने से यह परेशानी भी दूर रहती है।

(10) सूर्य नमस्कार करने से रक्त का संचार सुधरता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारे रक्त का संचार अच्छी तरह से होता है जिससे शरीर के जिन भागों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता था उन भागों में भी पर्याप्त रक्त पहुंचता है।

(11) सूर्य नमस्कार एकाग्रता बढ़ाता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारी चिंता, तनाव दूर होता है और हम तनाव मुक्त होते हैं जिससे हमारी एकाग्रता और मानसिक क्षमता का विकास होता है।

(12) सूर्य नमस्कार त्वचा की खूबसूरती को बढ़ाता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से चेहरे की तरफ रक्त का संचार बढ़ जाता है जिससे त्वचा को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और चेहरे की चमक बढ़ती है जिससे हमारी खूबसूरती बढ़ जाती है।

(13) सूर्य नमस्कार महिलाओं के लिए भी लाभदायक है


कई सारी महिलाओं को पीरियड की परेशानी होती है जिसमें उनके पीरियड समय पर नहीं होते और पीरियड के समय उन्हें काफी दर्द महसूस होता है। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से यह परेशानियां भी दूर होती हैं।

(14) विद्यार्थियों के लिए लाभ


सूर्य नमस्कार करने से विद्यार्थियों को भी लाभ होता है। जब विद्यार्थी नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करते हैं तो उनकी एकाग्रता बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के बढ़ने से वे बीमार कम होते हैं और एकाग्रता बढ़ने से वे अपनी पढ़ाई मन लगाकर कर पाते हैं जिससे उनको लाभ प्राप्त होता है।

(15) सूर्य नमस्कार शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है


कई लोग अच्छा भोजन करने के बाद भी शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं उनका वजन कम होता है ऐसे लोगों को नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करना चाहिए। सूर्य नमस्कार करने से हमारी शारीरिक शक्ति बढ़ती है।

(16) सूर्य नमस्कार करने से हमारा शरीर डिटॉक्स होता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे शरीर स्वस्थ और निरोगी बनता है। शरीर में विषैले पदार्थ रहने से कई सारी बीमारियां होती हैं। विषैले पदार्थ के बाहर निकल जाने से हम इन बीमारियों से बच जाते हैं।

(17) रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत बनती है।

(18) सूर्य नमस्कार झुर्रिया दूर करता है


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से हमारे चेहरे पर झुर्रियां नहीं आ पाती और हम लंबी उम्र तक जवान बने रहते हैं।

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(19) गर्भावस्था में लाभ


जो महिलाएं नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करती हैं जब वे गर्भवती होती हैं तो वे आसानी से बच्चे को जन्म दे पाती हैं और उन्हें ज्यादा दर्द या परेशानी नहीं होती। यह भी सूर्य नमस्कार का एक लाभ है।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब



(1) सूर्य नमस्कार कितनी बार करना चाहिए?


यदि आपने अभी-अभी सूर्य नमस्कार करना शुरू किया है तो आपको 4 से 6 बार ही सूर्य नमस्कार करना चाहिए। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से आपकी क्षमता बढ़ती जाएगी फिर आप इसकी संख्या को बढ़ाकर 12 से 15 और बाद में उससे भी ज्यादा कर सकते हैं।

(2) सूर्य नमस्कार कब नहीं करना चाहिए?


गर्भावस्था में, ऑपरेशन होने के तुरंत बाद, गंभीर रूप से बीमार होने पर, गंभीर चोट लगने पर सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद भी सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

(3) सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए?


सूर्य नमस्कार का अभ्यास हमेशा सूर्य उदय के समय करना चाहिए। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर, नहाकर तैयार हो जाना चाहिए और सूर्योदय के समय हमें सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना चाहिए। यही सूर्य नमस्कार करने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

(4) सूर्य नमस्कार ज्यादा से ज्यादा कितनी बार करना चाहिए?


सूर्य नमस्कार को अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए। आमतौर पर इसकी अधिकतम कोई सीमा नहीं है लेकिन आप धीरे-धीरे इसके अभ्यास को बढ़ाएं और अधिकतम 20 से 24 बार इसका अभ्यास कर सकते हैं। यदि आप काफी लंबे समय से योग कर रहे हैं और सूर्य नमस्कार करते हैं तब आप इससे ज्यादा बार भी सूर्य नमस्कार का अभ्यास कर सकते हैं।

(5) सूर्य नमस्कार के बाद क्या करना चाहिए?


सूर्य नमस्कार करने के बाद आपको शवासन का अभ्यास करना चाहिए। शवासन करने से हमारे पूरे शरीर को आराम मिलता है इसीलिए सूर्य नमस्कार करने के बाद इसका अभ्यास जरूर करें।

(6) क्या सूर्य नमस्कार से वेट लॉस होता है?


सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से वेट लॉस भी होता है। गलत खानपान की वजह से हमारा वेट अधिक बढ़ जाता है। जब नियमित रूप से सूर्य नमस्कार किया जाता है तो हमारा वेट लॉस होता है साथ ही हमारी शारीरिक संरचना में भी सुधार होता है।

(7) सूर्य नमस्कार करने से हाइट बढ़ती है क्या?


सूर्य नमस्कार करने से हमारे शरीर में लचीलापन आता है और शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है जिससे हमारी हाइट बढ़ती है। इसीलिए जो लोग अपनी हाइट बढ़ाना चाहते हैं उन्हें नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

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