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हलासन क्या है, हलासन के लाभ | Halasana Kya Hai, Halasana Ke Labh

हलासन क्या है, हलासन के लाभ | Halasana Kya Hai, Halasana Ke Labh

हलासन क्या है, हलासन के लाभ | Halasana Kya Hai, Halasana Ke Labh


हलासन शब्द हल और आसन से बना हुआ है जिसमें हल का अर्थ खेती करने वाले उपकरण से है और आसन का अर्थ योग मुद्रा से है। हलासन का अभ्यास करते समय हमारे शरीर की आकृति खेती करने वाले हल की तरह हो जाती है इसी कारण से इस आसन को हलासन नाम दिया गया है। हलासन कंधों के बल लेटकर शरीर को उल्टा करके किया जाता है जिससे शरीर में लचीलापन और मजबूती आती है। हलासन करने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। इसे करने से हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है और बीमार होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।


हलासन के लाभ (Halasana Ke Labh)


(1) दिमाग शांत रहता है


हलासन करने से हमारा तनाव और चिंता दूर होती है जिससे हमारा दिमाग शांत रहता है।

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(2) थकान दूर करता है


हलासन करने से थकान दूर होती है। कई कारणों से हमारे शरीर में थकान आ जाती है जिससे हम अपने कार्यों को ठीक से नहीं कर पाते। हलासन करने से थकान दूर हो जाती है और शरीर में स्फूर्ति आती है।

(3) रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है


हलासन करने से कंधों और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है जिससे रीढ़ की हड्डी लचीली व मजबूत बनती है।

(4) शुगर कंट्रोल करता है


हलासन मधुमेह के रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि हलासन का अभ्यास करने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है इसलिए जिन्हें मधुमेह की परेशानी हो उन्हें हलासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

(5) पाचन सुधरता है


हलासन करने से पाचन तंत्र के सभी अंगों की मसाज होती है जिससे पाचन तंत्र में सुधार होता है और पाचन से जुड़ी परेशानियां जैसे कि कब्ज, गैस, अपच ठीक रहते हैं।

(6) वजन कंट्रोल होता है


हलासन करने से हमारे शरीर की अतिरिक्त चर्बी दूर हो जाती है जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

(7) थायराइड कंट्रोल करता है


हलासन के नियमित अभ्यास से थायराइड ग्रंथि से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती है।

(8) हमारी लंबाई बढ़ाता है


हलासन करने से हमारे शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों में खिंचाव आता है जिससे इनमें लचीलापन आता है और हमारी लंबाई बढ़ती है।

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(9) महिलाओं को लाभ


हलासन करने से महिलाओं को भी लाभ होता है। हलासन रजोनिवृत्ति के समय महिलाओं की सेहत को सुधारता है।

(10) पैरों को मजबूत बनाता है


हलासन करने से पैरों की मांसपेशियां लचीली व मजबूत बनती है जिससे हमारे पैर मजबूत रहते हैं।

(11) शारीरिक दुर्बलता दूर करता है


हलासन करने से शरीर की सभी हड्डियां और मांसपेशियां लचीली व मजबूत बनती है जिससे शारीरिक दुर्बलता दूर होती है इसलिए शारीरिक रूप से दुर्बल लोगों को हलासन का अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए।

(12) भूख बढ़ाता है


हलासन करने से हमारी भूख बढ़ती है इसलिए जिन लोगों को कम भूख लगती है उन्हें हलासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

(13) रक्त संचार तेज करता है


हलासन के नियमित अभ्यास से हमारे रक्त का संचार तेज हो जाता है जिससे शरीर के सभी भागों में रक्त सही तरह से पहुंच पाता है और हमें शारीरिक लाभ प्राप्त होता है।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब



(1) हलासन कब करना चाहिए?


हलासन का अभ्यास हमें हमेशा सुबह के समय खाली पेट ही करना चाहिए। किसी भी योगासन को सुबह करने से हमें इसका अधिकतम लाभ प्राप्त होता है।

(2) हलासन कितने मिनट करना चाहिए?


हलासन का अभ्यास शुरुआत में 2 से 3 मिनट तक ही करना चाहिए। धीरे-धीरे इसके समय को बढ़ाकर 5 से 10 मिनट किया जा सकता है।

(3) हलासन कितनी बार करना चाहिए?


हलासन को एक बार में ही किया जाता है। इसे दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यदि एक बार में ही इसे करने में आपको असुविधा होती है तब आप इसे थोड़े-थोड़े समय के लिए चार से पांच बार कर सकते हैं।

(4) हलासन के बाद कौन सा आसन करें?


हलासन के बाद सर्वांगासन, शीर्षासन, मत्स्यासन, उत्तान पादासन का अभ्यास किया जा सकता है।

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