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कपालभाति प्राणायाम, कपालभाति के लाभ | Kapalbhati Pranayama, Kapalbhati Ke Labh

Kapalbhati Pranayama

कपालभाति प्राणायाम, कपालभाति के लाभ | Kapalbhati Pranayama, Kapalbhati Ke Labh


कपाल का अर्थ होता है मस्तक और भाती का अर्थ होता है चमकने वाला। कपालभाति प्राणायाम करने से हमारे मस्तक पर चमक आती है इसी कारण इसे कपालभाति प्राणायाम कहा जाता है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से हमारे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे शरीर रोग मुक्त होता है और लंबे समय तक हम स्वस्थ और युवा बने रहते हैं। कपालभाति प्राणायाम करने से हमें अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं। इसके बारे में यहां पर आपको जानकारी दी जा रही है।

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कपालभाति के लाभ (Kapalbhati Ke Labh)


(1) कपालभाति प्राणायाम करने से हमारे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं जिस वजह से हमारा शरीर स्वस्थ बनता है। इन विषैले पदार्थों की वजह से हमारे शरीर में कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं जो आगे चलकर हमारे लिए जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।

(2) कपालभाति प्राणायाम करने से हमारा वजन नियंत्रण में रहता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा है उन्हें अपने वजन को नियंत्रित करने के लिए कपालभाति का नियमित अभ्यास करना चाहिए।

(3) इस प्राणायाम को करने से हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां जैसे की कब्ज, गैस, अपच से हमें राहत मिलती है।

(4) कपालभाति प्राणायाम करने से बालों के झड़ने की समस्या भी दूर होती है क्योंकि इस प्राणायाम को करने से रक्त का संचार हमारे सिर की तरफ बढ़ जाता है जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती है और बाल झड़ने की परेशानी दूर होती है।

(5) कपालभाति प्राणायाम करने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम होने पर हम बार-बार बीमार पड़ते हैं जिससे हमारा शरीर कमजोर होता जाता है। कपालभाति करने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है जिससे हम बीमार नहीं पड़ते और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीते हैं।

(6) कपालभाति प्राणायाम का एक लाभ यह भी होता है कि इसे करने से हमारा रक्त परिसंचरण तंत्र सही तरीके से कार्य करता है जिससे शरीर के सभी भागों में रक्त का संचार सही होता रहता है जो कि स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी है।

(7) कपालभाति प्राणायाम करने से हमारा शरीर अंदर से स्वस्थ्य बनता है, पाचन शक्ति मजबूत होती है, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे कपालभाति कैंसर के इलाज में भी लाभदायक साबित होता है।

(8) शारीरिक दुर्बलता होने पर भी कपालभाति प्राणायाम करने से लाभ प्राप्त होता है और शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।

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(9) यदि आपको तनाव या अवसाद की परेशानी है तब भी कपालभाति का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इसे करने से तनाव दूर होता है और हमें मानसिक शांति प्राप्त होती है जिससे हम अपने आपको तनावमुक्त महसूस कर पाते हैं।

(10) कपालभाति प्राणायाम करने से हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं क्योंकि इसे करते समय सांसो को लिया और छोड़ा जाता है जो फेफड़ों के लिए लाभदायक साबित होता है।

(11) कपालभाति प्राणायाम महिलाओं के लिए भी लाभदायक साबित होता है। इसे करने से मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियां दूर होती हैं और मासिक धर्म सही तरह से होता है। साथ ही गर्भावस्था के समय भी यह आसन महिलाओं को लाभ पहुंचाता है।

(12) यदि आपको गुर्दे में पथरी की परेशानी है तब भी कपालभाति प्राणायाम लाभदायक साबित होता है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से गुर्दे की पथरी की परेशानी भी दूर होती है।

(13) जिन पुरुषों में नपुंसकता की परेशानी होती है और जिन महिलाओं को बांझपन की परेशानी होती है उन्हें भी नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए। इस प्राणायाम को करने से यह परेशानियां दूर होती हैं।

(14) हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं लेकिन जब आप नियमित रूप से कपालभाति करते रहते हैं तो आपके शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं हो पाती और हड्डियां हमेशा मजबूत बनी रहती हैं।

(15) उम्र के बढ़ने पर हमारे चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगती हैं जिससे हम कई बार कम उम्र में ही बूढ़े दिखने लगते हैं जो कि हमें अच्छा नहीं लगता। लेकिन जब हम नियमित रूप से कपालभाति करते हैं तब झुर्रियों की परेशानियां भी दूर होती हैं।

(16) चेहरे पर कील मुंहासे होने पर भी कपालभाती लाभदायक होता है क्योंकि इसे करने से हमारा शरीर अंदर से स्वस्थ होता है जिससे चेहरे का सौंदर्य बढ़ता है और कील मुहासे की परेशानी दूर होती है।

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(17) आज के समय में कम उम्र में बाल सफेद होना आम बात हो गई है। इसका प्रमुख कारण हमारी खराब दिनचर्या, केमिकल वाले प्रोडक्ट का प्रयोग, फ़ास्ट फ़ूड का अधिक सेवन है जिस वजह से हमारे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती जिससे हमारे बाल कम उम्र में ही सफेद होने लगते हैं। लेकिन जब आप नियमित रूप से कपालभाति करते हैं तो हमारे बालों को पर्याप्त पोषण मिलता है जिससे हमारे बाल सफेद होने बंद हो जाते है।

(18) यदि आपको अनिद्रा की परेशानी है तो भी कपालभाति का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। इसके अभ्यास से अनिद्रा की परेशानी दूर होती है और हमें अच्छी नींद आती है।

(19) कपालभाति करने से हमारी मानसिक क्षमता का भी विकास होता है जिससे हमारी याददाश्त तेज होती है और एकाग्रता भी बढ़ती है।

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब


(1) कपालभाति कितने मिनट करना चाहिए?

यदि आपने अभी-अभी कपालभाति प्राणायाम करना शुरू किया है तो शुरुआत में आपको 5 मिनट के लिए कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। जैसे-जैसे आप कपालभाति करते जाएंगे धीरे-धीरे करके इसके समय को बढ़ाते जाना चाहिए।

(2) कपालभाति प्राणायाम दिन में कितनी बार करना चाहिए?

कपालभाति प्राणायाम करने का सबसे अच्छा समय सुबह का है इसलिए आपको सुबह के समय ही कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए। यदि आपको समय नहीं मिल पाता है तो आप शाम के समय भी कुछ देर के लिए इसका अभ्यास कर सकते हैं।

(3) कपालभाति से पेट कम होता है क्या?

कपालभाति करने से पेट कम होता है क्योंकि इसे नियमित रूप से करने से हमारा वजन नियंत्रण में आ जाता है जिससे पेट भी कम होता है।

(4) क्या कपालभाति खाली पेट करना चाहिए?

कपालभाति करने के लिए आपको खाली पेट ही रहना चाहिए इसलिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि किसी कारण से आप शाम को कपालभाति प्राणायाम करना चाहते हैं तो आपको खाना खाने के कम से कम 3 घंटे बाद इसका अभ्यास करना चाहिए।

(5) कपालभाति के कितनी देर बाद खाना?

कपालभाति प्राणायाम करने के कम से कम 1 से 2 घंटे बाद ही आपको कुछ भी खाना या पीना चाहिए।

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